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This Article is From Sep 15, 2023

कुछ लोग देश की हो रही प्रशंसा को नहींं पचा पा रहे हैं : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्र प्रेस एक लोकतांत्रिक देश की रीढ़ है और पत्रकारों के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है. उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे किसी भी राजनीतिक दल के हित में काम न करें या एजेंडा या बयान स्थापित करने के लिए उनके हाथों का उपकरण न बनें.  उन्होंने कहा कि जब प्रेस जिम्मेदार होगा तभी प्रेस की स्वतंत्रता संभव हो सकती है.

कुछ लोग देश की हो रही प्रशंसा को नहींं पचा पा रहे हैं : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
नयी दिल्ली में हाल ही में हुए जी20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी नेताओं ने भारत मंडपम (स्थल) की प्रशंसा की, लेकिन कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया कि वहां पानी भर गया था
भोपाल:

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उन लोगों की आलोचना की जो विदेशों में देश की छवि को 'कलंकित, धूमिल और अपमानित करते हैं, वो भी ऐसे समय में जब पूरी दुनिया भारत के विकास की प्रशंसा कर रही है. किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जब देश में कुछ अच्छा हो रहा होता है तो कुछ लोगों का हाजमा खराब हो जाता है.

भारत है अवसर और निवेश की जगह 

उन्होंने कहा, ‘‘ देश बहुत बढ़ रहा है. हमारी उपलब्धियां पर दुनिया नाज कर रही है. क्या कहा जा रहा है इंटरनेशनल मोनेटरी फंड द्वारा, कि दुनिया में यदि कहीं रोशनी है, आर्थिक जगत के लिए तो वह स्थान भारत है. भारत अवसर और निवेश की जगह है, हमारी अर्थव्यवस्था भी बढ़ रही है.''

लोगों का बिगड़ जाता हाजमा

उन्होंने कहा, ‘‘ जब भारत में कुछ अच्छा होता है तो कुछ लोगों का हाजमा बहुत बिगड़ जाता है. वो इसे पचा नहीं पाते. वो मौका ढूंढते हैं कि हमारे भारत को, हमारी संस्थाओं को कैसे कलंकित करें. उन्होंने विकास के मुद्दे को राजनीति से अलग देखने की बात भी की.

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कर रहे थे छात्रों को संबोधित

उपराष्ट्रपति शुक्रवार को यहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन करने और दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद छात्रों को संबोधित कर रहे थे. राज्यसभा के पदेन सभापति धनखड़ ने कहा कि संसद में जिस तरह की आजादी है, वह दुनिया के किसी भी कोने में नहीं है. उन्होंने कहा कि एक बार किसी मुद्दे पर चर्चा की समय सीमा ढाई घंटे से बढ़ाकर आधी रात तक कर दी गई थी, लेकिन जब चर्चा नहीं होती है तो यह अच्छा नहीं है.

स्वतंत्र प्रेस है लोकतांत्रिक देश की रीढ़

उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्र प्रेस एक लोकतांत्रिक देश की रीढ़ है और पत्रकारों के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है. उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे किसी भी राजनीतिक दल के हित में काम न करें या एजेंडा या बयान स्थापित करने के लिए उनके हाथों का उपकरण न बनें. उन्होंने कहा कि जब प्रेस जिम्मेदार होगा तभी प्रेस की स्वतंत्रता संभव हो सकती है.

किया G20 के सफल आयोजन का जिक्र

नयी दिल्ली में हाल ही में हुए जी20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी नेताओं ने भारत मंडपम (स्थल) की प्रशंसा की, लेकिन कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया कि वहां पानी भर गया था. उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश को मिल रही प्रशंसा को पचा नहीं पा रहे हैं. 

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दीक्षांत सामारोह में शामिल रहे कई VVIP

धनखड़ ने कहा कि विश्व बैंक के भारतीय मूल के अध्यक्ष ने कहा है कि पिछले छह वर्षों में भारत में जिस तरह की आर्थिक प्रगति हुई है, वह पिछले 47 वर्षों में नहीं हुई थी. दीक्षांत समारोह में मध्य प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री राजेंद्र शुक्ला, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव और भोपाल से लोकसभा सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित अन्य लोग शामिल हुए.

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