मध्य प्रदेश के सागर जिले में सोमवार शाम एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसे देखकर हर किसी की जुबां पर बस एक ही बात थी- “साहब, आपको सलाम”. जब एक ओर मौत दस्तक दे रही थी, तब दूसरी ओर एक पुलिस अधिकारी अपनी पूरी ताकत झोंककर एक ज़िंदगी को बचाने में जुटा था. कुछ मिनट बाद वह इसमें सफल भी हो गया.
दरअसल, 2 फरवरी 2026 सोमवार शाम शहर के थाना मकरोनिया में 42 वर्षीय फोटो जर्नलिस्ट जितेंद्र श्रीवास एक खबर की कवरेज के सिलसिले में पहुंचे थे. इस दौरान वह पानी पीने के लिए उठे और अचानक बेसुध होकर गिर पड़े. मौके पर मौजूद लोगों को समझते देर नहीं लगी कि मामला गंभीर है. पत्रकार को हार्ट अटैक आया था, उनके मुंह से झाग निकलने लगा और पल्स तेजी से डाउन हो रही थी.
थाना प्रभारी ने दिया CPR
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर मौजूद थाना प्रभारी रविंद्र सिंह चौहान ने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाला. उन्होंने फोटो जर्नलिस्ट जितेंद्र श्रीवास तत्काल CPR देना शुरू किया और करीब 5 मिनट (300 सेकंड) तक लगातार ऐसा करते है. जिससे फोटो जर्नलिस्ट जितेंद्र की टूटती हुई सांसें वापस लौटने लगी.
VIDEO: रिटायर्ड फौजी को बोनट पर लटकाया, फिर दौड़ाई कार, टक्कर के बाद युवकों ने बदसलूकी भी की
झटके से खोली आंखें
कुछ ही पलों बाद वह दृश्य सामने आया, जो किसी चमत्कार से कम नहीं था- पत्रकार ने झटके से आंखें खोल दीं. इसके बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनका इलाज जारी है.
VIDEO: 'ज्यादा हो गई है...' नशे में धुत लड़कियों का सड़क पर ड्रामा, किसने पिलाई इतनी शराब जो खुद पर खो दिया काबू?
वर्दी में ज़िंदगी का रक्षक
संकट के उस नाजुक समय में थाना प्रभारी रवेंद्र सिंह चौहान ने Golden Hour का महत्व समझते हुए जो त्वरित निर्णय लिया, उसने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया. इस घटना ने न सिर्फ पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता को उजागर किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वर्दी में सिर्फ कानून का रखवाला ही नहीं, बल्कि एक ज़िंदगी का रक्षक भी मौजूद होता है.