
CM Mohan Yadav Industry Conclave: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम (Narmadapuram) में 7 दिसम्बर को प्रदेश की छठवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (6th Regional Industry Conclave) की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में कहा कि मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में औद्योगीकरण की बयार चल रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में देश और मध्य प्रदेश आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिला, युवा, किसान सबकी बेहतरी के लिए हम रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं. इसमें हमें सफलता भी मिल रही है. प्रदेश में संभाग स्तर पर निरंतर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं. उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा के बाद अब नर्मदापुरम में कॉन्क्लेव हो रही है, जो शिक्षा, पर्यटन, चिकित्सा सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश लाने में सहायक होगी. वर्ष 2024 में देश के विभिन्न नगरों में इन्टरैक्टिव सेशन भी किए गए. यही नहीं यू.के. और जर्मनी के भ्रमण में महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव मिले.
एक दिन पहले की खास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से वीसी के जरिए चर्चा की. इस दौरान उन्होंने कहा, 'मध्य प्रदेश में उद्योगपतियों का स्वागत है. हमारी मंशा है कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले और वर्तमान में संचालित उद्योगों का विस्तार करने में सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं.' मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि उद्योगपतियों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े.
स्थानीय उद्योगों को मिलेगी प्राथमिकता-सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उद्योगों को प्रोत्साहित करना है. उन्होंने जोर देकर कहा, 'हमारा प्राथमिक उद्देश्य है कि सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले. इसके बाद राज्य, राष्ट्रीय और अंततः अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योगपतियों को अवसर दिया जाएगा. आरआईसी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसे हमने बहुत बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया है.'
उद्योगों के विस्तार और निवेश की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने वीसी से नर्मदापुरम के कई उद्योगपतियों से चर्चा की. उन्होंने हरदा के राइस मिल मालिकों से अपने उद्योगों का विस्तार करने का आग्रह किया और मूंग दाल मिल के मालिक जसप्रीत सिंह से कहा कि उनके पास अतिरिक्त मूंग हो तो उसे उज्जैन के व्यापारियों को भी उपलब्ध कराएं. उन्होंने एमएसएमई के माध्यम से उद्योग शुरू करने वाली ज्योति अग्रवाल और कैटल फीड इंडस्ट्री के मालिक नरेंद्र सिंह तोमर की सफलता की सराहना की.
निवेश और विकास के लिए व्यापक दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम क्षेत्र में कृषि उत्पादन और खाद्य प्र-संस्करण के साथ अन्य सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपने मौजूदा व्यवसायों के साथ नए उद्योग क्षेत्रों में भी निवेश करें. उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार उद्योगपतियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. आपके सहयोग से ही क्षेत्रीय विकास के नए आयाम स्थापित होंगे.'
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ग्लोबल इन्वेस्टर समिट पर भी है ध्यान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नर्मदापुरम के बाद जनवरी में शहडोल में भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी. इन सम्मेलनों की कड़ी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट तक पहुंचेगी. मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने यूके और जर्मनी दौरे का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से प्रदेश को 78,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है..
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