PM Shri School Scam: सिवनी जिले के पीएमश्री स्कूलों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. स्कूलों के विकास और बच्चों के लिए भेजी गई सरकारी राशि को खर्च करने के बजाय कच्चे बिलों, फर्जी बाउचरों और गलत भुगतान के जरिए लाखों रुपये का गोलमाल किया गया. भोजन, अध्ययन सामग्री, खेल सामग्री से लेकर उपकरण खरीद तक हर जगह नियमों की अनदेखी और भारी अनियमितताएं पकड़ी गईं. अब तीन स्कूलों की फाइल कार्रवाई के लिए डीपीआई भोपाल भेज दी गई है.
भोजन पर सबसे बड़ा घोटाला
शासकीय पीएमश्री बूढ़ेना बरघाट स्कूल में तत्कालीन प्राचार्य शरण दास मैकेंजी पर आरोप है कि 200 बच्चों को खिलाए गए भोजन के नाम पर 400 थालियों का कच्चा बिल लगाकर 80 हजार रुपये निकाल लिए गए. जांच में पाया गया कि ऐसे कई फर्जी बिल बनाए गए और राशि का गलत आहरण किया गया.
44 हजार का साउंड बॉक्स, असली कीमत 4 हजार
पीएमश्री कन्या शाला बरघाट में भी बड़ी धांधली सामने आई है. यहां प्राचार्य शरला नरेती ने 4 हजार रुपये कीमत वाले साउंड बॉक्स का 44 हजार रुपये का बिल लगाकर भुगतान लिया. सामग्री का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड तक नहीं मिला. इस स्कूल में भी लाखों रुपये की गड़बड़ी की पुष्टि हुई है.
खैरा पलारी स्कूल में भी सामने आया गोलमाल
शासकीय पीएमश्री खैरा पलारी स्कूल में प्राचार्य जयंती मरावी ने निजी चंदे जैसे कुछ खर्चे भी सरकारी राशि से पूरे कर दिए. जांच में कई वित्तीय अनियमितताएँ उजागर हुईं, जिससे पता चला कि यहां भी बड़े पैमाने पर सरकारी धन का गलत उपयोग किया गया.
तीनों स्कूलों की फाइल पहुंची डीपीआई भोपाल
बढ़ती शिकायतों और सामने आए फर्जी बाउचरों के बाद शिक्षा विभाग ने तीनों स्कूलों की गड़बड़ियों की फाइल डीपीआई भोपाल को भेज दी है. अधिकारियों के अनुसार अब उच्च स्तर पर कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही जिम्मेदार प्राचार्यों पर बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है.
बच्चों के लिए जारी राशि पर लगा डाका
केंद्र सरकार पीएमश्री स्कूलों में हर साल बच्चों के विकास, संसाधनों और गतिविधियों के लिए लाखों रुपये भेजती है. लेकिन जिन जिम्मेदारों को यह राशि बच्चों के हित में लगानी थी, उन्हीं पर इसे हड़पने के आरोप लगे हैं. घटना ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.