PM Awas Yojana Scam: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का एक और चौंकाने वाला मामला मध्यप्रदेश के खरगोन जिले से सामने आया है. योजना की दूसरी किस्त जारी करने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले उप राजस्व अधिकारी को लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई भीकनगांव क्षेत्र में की गई, जहां पीड़ित लाभार्थी की शिकायत पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गरीबों को पक्का आवास दिलाने के लिए बनाई गई योजनाएं किस तरह सरकारी कर्मचारियों की लालच की भेंट चढ़ रही हैं. लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
पीएम आवास की दूसरी किस्त के बदले मांगी रिश्वत
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भीकनगांव के वार्ड क्रमांक 6 निवासी सिराज उर्फ कालू, पिता मकसूद पठान, प्रधानमंत्री आवास योजना के पंजीकृत लाभार्थी हैं. उनकी आवास योजना की दूसरी किस्त जारी होनी थी, जिसके एवज में उप राजस्व अधिकारी मयंक जैन ने उनसे 15 हजार रुपये की मांग की.
पीड़ित ने लोकायुक्त से की शिकायत
रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीड़ित सिराज ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, इंदौर में इसकी शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पहले मामले का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया.
रंगेहाथ पकड़ा गया आरोपी अधिकारी
शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने पूर्व नियोजित योजना के तहत कार्रवाई की. जैसे ही उप राजस्व अधिकारी मयंक जैन ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से निगरानी कर रही लोकायुक्त टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे रंगेहाथ पकड़ लिया.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
योजना की राशि सीधे खाते में, फिर भी भ्रष्टाचार
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे हितग्राही के खाते में आती है. इसके बावजूद कागजी प्रक्रियाओं और स्वीकृति के नाम पर कुछ अधिकारी रिश्वत मांगने से बाज नहीं आ रहे हैं, जिससे योजना की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं.
लोकायुक्त की कार्रवाई से प्रशासन में संदेश
इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप है. लोकायुक्त की सख्ती से यह संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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