Ujjain Fag Festival: मध्य प्रदेश के उज्जैन होली पर्व से शहर के प्रमुख मंदिरों में फाग उत्सव शुरू हो गया. करीब आधा दर्जन मंदिरों में श्रद्धालुओं ने गुलाल और फूलों से जमकर होली खेली. शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु रंगों से सराबोर नजर आए. दरअसल, रंग भरी ग्यारस से फग उत्सव शुरू हो जाता हैं. इसी के चलते गोपाल मंदिर, गज लक्ष्मी, खाटू श्याम कोयला फाटक ओर ठाकुर जी की हवेली, पुष्टि मार्ग हवेली, इंद्र दमन गोवर्धन की हवेली कार्तिक चौक के मंदिरों के साथ भव्य आयोजन किए गए.
श्रद्धालुओं ने जमकर उड़ाया गुलाल
मंदिर में भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में आस्था अर्पित कर आशीर्वाद लिया. इसके बाद जमकर गुलाल उड़ाया. फूलों की इस होली से माहौल भक्तिमय नजर आया. उत्सव में शहर के साथ ही देवास, इंदौर, रतलाम सहित अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
क्यों मनाया जाता है फाग उत्सव?
फाग उत्सव का असर खासकर वैष्णव मंदिरों में दिखाई दी. गज लक्ष्मी मंदिर के पुजारी अनिमेश शर्मा ने बताया कि हर वर्ष बसंत पंचमी के बाद फाल्गुन मास की शुरुआत होती है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित माना जाता है. इसलिए फाग में होली का पर्व विशेष उल्लास के साथ मनाया जाता है. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने राधाजी और गोपियों के साथ होली खेलकर रासलीला की थी, तभी से फाग महोत्सव की परंपरा चली आ रही है.
बच्चे बने राधा कृष्ण
कोयला फाटक के पास मनकामनेश्वर महादेव के नाम से विख्यात मंदिर के पुजारी रवि शुक्ला ने बताया फाल्गुन मास में रंगभरी एकादशी पर मंदिर मे विशेष पूजन-पाठ के बाद फाग उत्सव मनाया जाता है. इस बार भी भजन कीर्तन से इसकी शुरुआत हुईं... फिर श्याम प्रेमियों ने जमकर बाबा के साथ होली खेली. यहां बच्चे भगवान कृष्ण के साथ राधा की ड्रेस पहनाकर मंदिर पहुंचे और भक्तिमय माहौल के बीच भजनो धुन पर थिरकते नजर आए.