मध्य प्रदेश के नीमच जिले के सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम ढाबा में किशोरी अंजलि नायक की आत्महत्या का मामला शांत नहीं हुआ है. आत्महत्या से पहले अंजलि द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है . नोट में कई रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
सुसाइड नोट में छात्रा अंजलि ने लिखा कि 'वह रोज की तरह स्कूल बस पकड़ने के लिए जा रही थी. तभी उसकी बुआ रामुबाई, फूफा बदरीलाल और बड़ी मम्मी सुगनाबाई एक गाड़ी में सामने से आते दिखे. उन्हें देखकर वह डर गई और गांव की ओर भागी, लेकिन उन्होंने उसका पीछा किया गया. इस दौरान बड़ी मम्मी सुगनाबाई ने गाड़ी से चिल्लाकर धमकी दी. तूने मेरे ऊपर केस कैसे कर दिया, मैं तुझे मार दूंगी. धमकियों से डरी अंजलि गांव में छिप गई. नोट में उसने आगे लिखा कि उसके साथ गलत किया गया है, उसे लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं. रामुबाई, सुगनाबाई और बदरीलाल को धारा 302 में सजा दी जाए ...उम्रकैद, यही आखिरी इच्छा है'.
कुएं में मिला था शव
दरसअल, कई दिन से लापता 17 साल की छात्रा अंजलि नायक का शव 7 फरवरी को गांव के पास स्थित एक कुएं में मिला था. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया, इसके बाद से परिजन न्याय की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. इससे नाराज आक्रोशित परिजनों ने 8 फरवरी 2026 को जवासा–भादवा माता चौराहा पर चक्का जाम कर दिया. अंजलि के माता-पिता सड़क पर बैठे और हाथ में सुसाइड नोट की कॉपी लेकर न्याय की मांग की.
मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा
मृतका के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि चार दिन बीत गए, लेकिन सुसाइड नोट में नामजद लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इस कारण मजबूर होकर हमें सड़क पर उतरना पड़ा. अंजलि को उसकी बुआ और बड़ी मम्मी द्वारा लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे टूटकर उसने यह कदम उठाया .
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पुलिस ने परिजनों को शांत कराया
इधर, विरोध की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश देकर शांत कराया. पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट समेत, अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.