Narmadapuram: 9 हजार रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने पटवारी को पकड़ा, दुकान का कब्जा हटवाने के लिए मांगी थी 40 हजार की घूस

Narmadapuram News: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में लोकायुक्त ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पटवारी को पकड़ा. लोकायुक्त ने पटवारी को 9 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा.

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नर्मदापुरम (Narmadapuram) में शुक्रवार की रात लोकायुक्त की टीम ने पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा.  लोकायुक्त की 9 सदस्यीय टीम ने रसूलिया स्थित पटवारी के घर पर दबिश दी और पटवारी देवेंद्र सहारिया (Devendra Saharia) को 9000 रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा. पटवारी देवेंद्र सहरिया एक दुकान को किरायेदार से खाली करवाने के लिए 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. हालांकि दुकानदार ने पहले ही करीब 31 हजार रुपये दे चुका था.

कब्जा हटवाने के लिए मांगी गई थी 40 हजार रुपये का रिश्वत

दरअसल, पटवारी ने इमरत सिंह से 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से इमरत ने पटवारी देवेंद्र सहारिया को रिश्वत के रूप में 31 हजार रुपये दे दिए थे, जबकि आखिरी के 9 हजार रुपये देने के लिए इमरत लाल यादव पर पटवारी दबाव बना रहा था. जिसके बाद इमरत सिंह ने रिश्वत की शिकायत लोकायुक्त भोपाल से की थी.

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रिश्वत लेने के दौरान लोकायुक्त की टीम ने पटवारी के घर दी दबिश 

वहीं शिकायत दर्ज होने के बाद लोकायुक्त की टीम पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने की तैयारी में थी. वहीं किरायेदार को शुक्रवार की रात बाकी के 9 हजार रुपये देना था. हालांकि जैसे ही रात 8 बजे इमरत सिंह पटवारी के घर पहुंचा और उसने रुपये दिए. उसी दौरान लोकायुक्त डीएसपी संजय शूक्ला, निरीक्षक उमा कुशवाह, निरीक्षक विकास पटेल की 7 सदस्यीय टीम ने पटवारी के घर पर दविश दी और 9 हजार रुपये के साथ पटवारी को पकड़ लिया.

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बता दें कि पटवारी देवेंद्र सहारिया नर्मदापुरम नगर में पटवारी है जो काफी चर्चित चेहरा रहे हैं. फिलहाल लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. 

लोकायुक्त भोपाल से की थी इमरत सिंह ने रिश्वत मांगने की शिकायत

लोकायुक्त टीआई विकास पटेल ने बताया कि 31 जनवरी, 2024 को आवेदक इमरतलाल यादव ने बताया कि रसूलिया में उनकी दुकान जिस पर अनिल अग्रवाल किराए से दुकान लिए हैं जो खाली नहीं कर रहा है और देवेंद्र यादव के भाई ने रोड नहीं दे रहा है. जिसका विवाद चल रहा है,  इसके लिए पटवारी द्वारा 40000 रुपये की डिमांड की गई और 145 का इस्तिगासा प्रस्तुत किया गया है. उन्होंने बताया कि दुकान खाली करने की एवज में 40000 रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 31000 रुपये दे दिए गए थे. 

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फरियादी इमरतलाल यादव ने बताया कि दुकान खाली करवाना और अनिल अग्रवाल को किराए से दी गई दुकान में कब्जा भी खाली नहीं कर रहा था और किराया भी नहीं दे रहा था. कई बार थाने में शिकायत भी की. 31 जनवरी को पटवारी ने 10000 रुपये की मांग की थी 1000 रुपये दे दिए गए थे. 9000 आज दिए.

उन्होंने आगे बताया कि लोकायुक्त में 30 जनवरी को शिकायत की थी. 40000 में बात हुई थी 30000 और 1000 दे चुके थे 9000 आज दिए. दुकान खाली करवाने और रास्ता खुलवाने के लिए पैसों की मांग की थी.

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