Namo Drone Didi: आत्मनिर्भरता की नई उड़ान; CM मोहन ने कहा- ग्रामीण महिलाएं ड्रोन ट्रेनिंग से बन रहीं सशक्त

Namo Drone Didi Yojana: नमो ड्रोन दीदियां किसानों के खेतों में आधुनिक तकनीक से उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ रही है और परिचालन लागत कम हो रही है. यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ महिलाओं को नई आजीविका के अवसर प्रदान कर रही है.

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Namo Drone Didi Yojana: आत्मनिर्भरता की नई उड़ान; CM मोहन ने कहा- ग्रामीण महिलाएं ड्रोन ट्रेनिंग से बन रहीं सशक्त

Namo Drone Didi Yojana: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने नमो ड्रोन दीदी योजना (Namo Drone Didi Yojana) के बारे में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए प्रारंभ की गई “नमो ड्रोन दीदी” योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल बन रही है. यह योजना महिलाओं को आधुनिक ड्रोन तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि योजना अंतर्गत प्रदेश में एक हजार से अधिक महिलाओं को ड्रोन प्रशिक्षण एवं ड्रोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.

नमो ड्रोन दीदी को मिलता है इतना अनुदान

मध्यप्रदेश में अब तक 89 ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट का सफल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना जागृत हुई है. नमो ड्रोन दीदियां कृषि कार्यों में उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव जैसी सेवाएं प्रदान कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं. योजना के तहत ड्रोन खरीद पर कुल लागत का 80 प्रतिशत अनुदान हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जा रहा है हितग्राही महिला को केवल 50 हजार रूपये का अंशदान करना होता है. इससे महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि किसानों को भी समय एवं श्रम की बचत के साथ किफायती सेवाएं मिल रही हैं.

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 नमो ड्रोन दीदीयां किसानों के खेतों में आधुनिक तकनीक से उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ रही है और परिचालन लागत कम हो रही है. यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ महिलाओं को नई आजीविका के अवसर प्रदान कर रही है.

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ड्रोन की उड़ान से ऐसे बदला जीवन

जबलपुर की सपना काछी ने ग्राम गोकलपुर में अपने गांव की महिलाओं के साथ “ओम शांति ओम” स्व-सहायता समूह बनाया. उन्होंने सिलाई, कृषि और ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लिया. मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता से सिलाई मशीन और सामुदायिक निवेश निधि से प्राप्त राशि से गाय खरीदी. सब्जी उत्पादन, सिलाई और दुग्ध व्यवसाय से उनकी मासिक आय 20-22 हजार रुपये हो गई. ड्रोन तकनीक अपनाने के बाद उनकी आय में और वृद्धि हुई.1200 एकड़ में स्प्रे कर केवल ड्रोन से 2.86 लाख रुपये कमाए, अब उनकी मासिक आय 30-35 हजार रुपये है.

खंडवा की कविता चौहान ने रेवापुर गांव में संत सेवालाल स्व-सहायता समूह से अपनी यात्रा शुरू की. ऑनलाइन दुकान से मासिक आय 18-20 हजार रुपये होने लगी. ग्वालियर में नमो ड्रोन प्रशिक्षण लेकर ड्रोन दीदी बनीं. 2 हज़ार 500 एकड़ से अधिक खेतों में स्प्रे कर 7.68 लाख रुपये से अधिक आय अर्जित की. भोपाल में 31 मई 2025 को जंबूरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिलना और संवाद करना उनके जीवन का सबसे यादगार पल था.

शाजापुर की प्रियंका सौराष्ट्रीय ने बताया कि नव दुर्गा स्व-सहायता समूह की सदस्य होने के नाते उन्हें इफको से निःशुल्क ड्रोन मिला. साथ ही किसान संजय गुर्जर को भी ड्रोन दिया गया. वे दोनों अब 300 रुपये प्रति एकड़ की दर से नैनो यूरिया और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं.

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