Assembly Elections 2026: देश के पांच राज्यों असम, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनावी बिगुल बज चुका है. भाजपा और कांग्रेस इन राज्यों में जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं. दोनों दल स्थानीय नेताओं के साथ अन्य राज्यों के नेताओं को भी चुनावी जिम्मेदारियां सौंपने की तैयारी में हैं. इस मामले में भाजपा आगे नजर आ रही है. भाजपा ने मध्य प्रदेश के अपने 30–35 नेताओं की चुनावी ड्यूटी तय कर दी है. वहीं, कांग्रेस इस मामले में पीछे दिखाई दे रही है, पार्टी स्थानीय नेताओं पर ज्यादा निर्भर है.
पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा हाईकमान ने मप्र के नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी है. असम के अलग-अलग क्षेत्रों में इलेक्शन मैनेजमेंट के लिए इन नेताओं को तैनात किया गया है, जबकि बंगाल के लिए चयन प्रक्रिया जारी है. पार्टी माइक्रो मैनेजमेंट और बूथ स्तर पर फोकस कर रही है. चुनावी हिंसा और फर्जी मतदान रोकने के लिए विशेष रणनीति पर काम किया जा रहा है.
दिग्विजय सिंह जा सकते हैं राज्यसभा, MP कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने दिए संकेत, कहा- मैं नहीं जाऊंगा
भाजपा से इनकी ड्यूटी लगी
- सांसद: आलोक शर्मा (भोपाल), दर्शन सिंह (नर्मदापुरम), बंटी विवेक साहू (छिंदवाड़ा) और कविता पाटीदार (राज्यसभा सदस्य)
- पूर्व सांसद: अशोक अर्गल और केपी यादव
- पूर्व विधायक: गिरिराज दंडोतिया, कमलेश जाटव, भूपेंद्र आर्य, संजय शाह और रघुराज कंसाना. विनोद गोटिया (पूर्व अध्यक्ष, पर्यटन विकास निगम)
- संगठन से: संदीप सरकार, नाथू सिंह गुर्जर, श्याम सुंदर शर्मा, हमीर सिंह सहित कई अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है.
कांग्रेस से अभी ये जिम्मेदारियां
अब्बास हाफिज असम में कांग्रेस के कम्युनिकेशन विभाग का काम देख रहे हैं, जबकि मितेंद्र दर्शन सिंह युवक कांग्रेस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.