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वकीलों और पुलिस पर बयान देकर फंसीं विधायक शकुंतला पोर्ते ! अब हाथ जोड़कर मांगी माफी

छत्तीसगढ़ की प्रतापपुर सीट से बीजेपी विधायक शकुंतला पोर्ते वकीलों और पुलिस पर विवादित बयान देकर घिर गई हैं. सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर हाथ जोड़कर माफी मांगी है. जानिए केवरा गांव के हत्याकांड के बाद उपजे इस पूरे राजनीतिक विवाद की वजह.

वकीलों और पुलिस पर बयान देकर फंसीं विधायक शकुंतला पोर्ते ! अब हाथ जोड़कर मांगी माफी

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की प्रतापपुर सीट से बीजेपी विधायक शकुंतला पोर्ते अपने एक विवादित बयान को लेकर संकट में फंस गई हैं, जिसके बाद उन्हें वीडियो जारी कर हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी है. दरअसल केवरा गांव में चर्चित बीजेपी नेता हरिनंदन की हत्या के बाद पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचीं विधायक ने पुलिस प्रशासन और वकीलों पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कह दिया था कि पुलिस और वकीलों के बच्चे 'अपाहिज, विकलांग, बीमार और क्रिमिनल' निकलते हैं. इस बयान का वीडियो वायरल होते ही वकीलों और पुलिस महकमे में भारी आक्रोश फैल गया. सोशल मीडिया पर चौतरफा ट्रोलिंग के बाद  घिरीं विधायक ने अब अपने वीडियो को एडिटेड बताते हुए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगी हैं.

पुलिस और वकीलों पर लांघ दी मर्यादा की सीमा

दरअसल, यह पूरा मामला केवरा गांव में हुए बीजेपी नेता के अपहरण और जघन्य हत्याकांड से जुड़ा हुआ है. पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान संवेदना जताने के बजाय विधायक शकुंतला पोर्ते सीधे कानून-व्यवस्था पर ही सवाल खड़े करने लगीं. उन्होंने मौके पर मौजूद थाना प्रभारी को नियम-कानून का पाठ पढ़ाते हुए एफआईआर में जातिगत गाली-गलौज की धाराएं जोड़ने के निर्देश दिए और पुलिस को सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर हवालात में बेरहमी से पीटने तक की बात कह डाली. इतना ही नहीं, मर्यादा लांघते हुए उन्होंने वकीलों और पुलिसकर्मियों के बच्चों पर बेहद अमर्यादित टिप्पणी भी कर दी, जिससे हर तरफ उनकी कड़ी आलोचना शुरू हो गई.

परिजनों ने खोला मोर्चा और वकीलों ने शुरू कर दी घेराबंदी

घटनास्थल पर ही विधायक महोदया को उस समय भारी असहजता का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने हत्या के पीछे सीधे तौर पर कांग्रेसी नेताओं का हाथ होने का आरोप लगाया. इस पर मृतक के परिजनों ने विधायक के सामने ही साफ कर दिया कि इस जघन्य वारदात में केवल कांग्रेसी ही नहीं, बल्कि खुद बीजेपी से जुड़े लोग भी बराबर के शामिल हैं. परिजनों के इस बड़े खुलासे और वकीलों पर दी गई अभद्र टिप्पणी के बाद सूरजपुर के अधिवक्ता संघ ने तीखी प्रतिक्रिया दी. सूरजपुर के अधिवक्ता राहुल तिवारी ने विधायक के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि खुद एक वकील होने और पति के पुलिस विभाग में रहने के बावजूद इस तरह की भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है, और अगर वीडियो एडिटेड था तो विधायक को साज़िशकर्ताओं पर कार्रवाई करानी चाहिए थी.

ट्रोलिंग के बाद बोलीं- खुद वकील हूं और पति पुलिस में

चौतरफा फजीहत और सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग के बाद आखिरकार विधायक शकुंतला पोर्ते ने अपना एक माफीनामा वीडियो जारी किया. वीडियो में वे हाथ जोड़कर खेद व्यक्त करती हुई दिख रही हैं. अपनी सफाई में उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था. वे स्वयं एक वकील हैं और उनके पति पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, इसलिए वे पुलिस प्रशासन और वकील परिवार का पूरा सम्मान करती हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके मूल वीडियो को एडिट करके गलत तरीके से पेश किया गया है, लेकिन इसके बावजूद यदि उनके किसी बयान से वकीलों या पुलिसकर्मियों को दुख पहुंचा है, तो वे सार्वजनिक रूप से क्षमा चाहती हैं.
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