MP Weather News: मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है. प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज‑चमक और तेज हवाओं ने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन खेत‑खलिहान और जनजीवन पर इसका असर भी साफ दिखाई दे रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई संभागों में बारिश दर्ज की गई, वहीं तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है. कुछ जिलों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से तापमान बढ़ने की चेतावनी दी है, साथ ही कुछ जिलों में आंधी‑तूफान और वज्रपात को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है. किसानों और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
कई संभागों में बारिश, शेष हिस्सों में मौसम शुष्क
IMD के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान रीवा और शहडोल संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभागों में कहीं‑कहीं वर्षा हुई. प्रदेश के शेष जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा. कई इलाकों में गरज‑चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली, जिससे दिन के तापमान में राहत मिली.

MP Weather: मध्य प्रदेश मौसम की खबर
तापमान में आई बड़ी गिरावट
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट रीवा और शहडोल संभागों में दर्ज की गई, जहां तापमान 4.3 से 5.4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया. उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभागों में भी अधिकतम तापमान 2 से 3.4 डिग्री तक गिरा. कई संभागों में तापमान सामान्य से 5 से 6.8 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया, जिससे गर्मी से अस्थायी राहत मिली.
न्यूनतम तापमान भी सामान्य से नीचे
न्यूनतम तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. भोपाल और उज्जैन संभागों में न्यूनतम तापमान 4.5 से 5.8 डिग्री तक गिरा, जबकि रीवा संभाग में भी तापमान में कमी दर्ज हुई. प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक न्यूनतम तापमान नर्मदापुरम में 23 डिग्री सेल्सियस रहा.
खंडवा सबसे गर्म, अमरकंटक‑पचमढ़ी सबसे ठंडे
प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान खंडवा में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं अमरकंटक और पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम रहा. इससे साफ है कि पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है.
तेज हवाएं और वज्रपात से बढ़ी चिंता
कई जिलों में तेज झोंकेदार हवाएं चलीं. इंदौर, सागर और नर्मदापुरम में 44 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं. इसके अलावा धार, उज्जैन, पचमढ़ी, जबलपुर, रीवा और शहडोल में भी तेज हवाओं का असर देखा गया. भिंड जिले में ओलावृष्टि की सूचना मिली है, जबकि कई जिलों में वज्रपात और आंधी‑तूफान की घटनाएं दर्ज की गईं.
किन जिलों के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अनुपपुर, डिंडोरी, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में कहीं‑कहीं गरज‑चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. लोगों को खुले स्थानों पर न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
किसानों के लिए विशेष सलाह
IMD ने किसानों को चेतावनी दी है कि इस अवधि में सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव न करें. कटाई किए गए उत्पादों को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए. सब्जी और बेल वाली फसलों को सहारा देने और खेतों में जलनिकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है. आंधी‑तूफान के दौरान पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
आने वाले दिनों में फिर बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों में प्रदेश भर में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है. यानी फिलहाल मिली राहत के बाद गर्मी फिर जोर पकड़ सकती है.
सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के बीच लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए. दोपहर के समय धूप से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पिएं और वज्रपात के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहें.
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