Madhya Pradesh High Court: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने एक संदिग्ध मौत के मामले में अहम आदेश जारी किया है. कोर्ट ने मृतक के शव को कब्र से निकालकर उसका पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए हैं. न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की अदालत ने आदेश दिया है कि यह कार्रवाई 8 अप्रैल को सुबह 11 बजे एसडीएम अधारताल की मौजूदगी में की जाए. साथ ही, शव को उसी दिन दोपहर 1 बजे तक कब्र से निकालकर जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज भेजा जाए और तत्काल पोस्टमॉर्टम कराया जाए.
कोर्ट ने अपीलकर्ता कासिमुद्दीन कुरैशी को भी निर्देशित किया है कि वह निर्धारित समय पर एसडीएम के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें. अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि अपीलकर्ता अनुपस्थित रहते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
हादसे के बाद इलाज के दौरान हुई थी मौत
मामले में अपीलकर्ता ने बताया कि उसके भाई गयासुद्दीन कुरैशी, जो नरसिंहपुर जिले के बोरीपार गांव में रहते थे, 26 मार्च 2025 को एक दुर्घटना में घायल हो गए थे. उन्हें गंभीर हालत में पहले जबलपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में 27 मार्च को इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई.
सीने पर थे चोट के निशान
अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट में मृतक के सीने पर चोट के निशान दर्ज होने के कारण परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताया. इस संबंध में 10 नवंबर 2025 को जबलपुर एसपी को शिकायत देकर जांच और पोस्टमॉर्टम की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश पारित किया.
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