MP High Court: कोर्ट ने राज्य सरकार को EWS वर्ग को नियुक्ति देने का दिया आदेश, 2018 में हुई उच्च शिक्षा शिक्षक भर्ती का मामला

जबलपुर निवासी शिवानी शर्मा के एडवोकेट ने कोर्ट को बताया की आयुक्त लोक शिक्षण ने 2018 की पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सीटों पर नियुक्ति नहीं दी.

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कोर्ट ने यह पूरी प्रक्रिया 45 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए.

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं की उच्च शिक्षा शिक्षक भर्ती 2018 के तहत ईडब्ल्यूएस वर्ग के रिक्त पदों की मेरिट सूची बनाकर हर हाल में जल्दी नियुक्ति प्रदान करें. जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि EWS वर्ग की विषय वार सूची तैयार करें और आवेदनकर्ताओं को  प्राप्त अंकों के आधार पर नियुक्तियां दें. कोर्ट ने यह पूरी प्रक्रिया 45 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए.

पात्रता परीक्षा के समय नहीं था आरक्षण का प्रावधान

जबलपुर निवासी शिवानी शर्मा के एडवोकेट ने कोर्ट को बताया की आयुक्त लोक शिक्षण ने 2018 की पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सीटों पर नियुक्ति नहीं दी. पात्रता परीक्षा के समय Economic Weaker Section आरक्षण का प्रावधान नहीं था, लेकिन पात्रता परीक्षा की वैधता एक साल तक ही रहती है. केन्द्र सरकार ने संविधान में संशोधन कर 14 जनवरी 2019 को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया. इस कारण याचिकाकर्ताओं को उसका लाभ मिलना चाहिए.

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2018 के बाद पात्रता परीक्षा 2023 में हुई

ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अहर्ता 75 प्रतिशत अंक निर्धारित किया गया था और याचिकाकर्ता इसके पात्र भी हैं यह भी बताया गया कि 2018 के बाद पात्रता परीक्षा 2023 में हुई है.

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