MP Gehu Kharidi 2026: मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी की व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार की गंभीरता बुधवार को ज़मीनी स्तर पर दिखाई दी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अप्रैल की सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का दौरा किया. यह दौरा ठीक एक दिन पहले दिए गए उस बयान के अनुरूप रहा, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे किसी भी उपार्जन केंद्र का बिना पूर्व सूचना निरीक्षण कर सकते हैं. दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने खरीदी व्यवस्थाओं की स्थिति देखी, किसानों से सीधे संवाद किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा‑निर्देश दिए.
आज खरगोन प्रवास के दौरान कतरगांव में गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। यहाँ स्लॉट बुकिंग और उपार्जन की अन्य व्यवस्था और किसानों को ओटीपी के माध्यम से किये जा रहे भुगतान की जानकारी प्राप्त की। किसानों से चर्चा कर फीडबैक भी लिया।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 30, 2026
उपार्जन के लिए आ रहे किसानों के लिए पानी,… pic.twitter.com/MvS3cxU6ID
कतरगांव उपार्जन केंद्र पहुंचे CM
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार सुबह खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए गेहूं उपार्जन केंद्र पहुंचे. उन्होंने तौल प्रक्रिया, स्लॉट व्यवस्था और किसानों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि तौल और खरीदी में किसानों को इंतजार तो नहीं करना पड़ रहा.
किसानों से चर्चा
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उपार्जन केंद्र पर मौजूद किसानों से बातचीत की. किसानों ने अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए. मुख्यमंत्री ने ध्यानपूर्वक उनकी बातें सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया. इस दौरान उन्होंने किसानों के साथ चाय भी पी, जिससे माहौल सहज और संवाद खुला रहा.

MP Gehu Kharidi 2026: गेहूं उपार्जन केंद्र निरीक्षण
अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
निरीक्षण के समय उपार्जन केंद्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी दिशा‑निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं तौल और खरीदी में किसी तरह की लापरवाही न हो और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं ताकि किसानों को परेशानी न उठानी पड़े.
उपार्जन केंद्रों पर बढ़ाई गई सुविधाएं
सरकार ने इस वर्ष उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए कई सुविधाएं बढ़ाई हैं. छाया, बैठने की व्यवस्था के साथ‑साथ तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 की गई है. जरूरत वाले जिलों में और तौल कांटे लगाए जा रहे हैं. अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज बेच सकते हैं.
गुणवत्ता मानकों में दी गई राहत
किसानों को राहत देते हुए सरकार ने गेहूं की गुणवत्ता से जुड़े मानकों में भी बदलाव किया है. चमक‑विहीन गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत तय की गई है. सूकड़े दानों की सीमा 6 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक कर दी गई है.
अब तक इतनी हुई गेहूं खरीदी
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए अब तक 9.83 लाख किसानों ने 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के स्लॉट बुक किए हैं. अब तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है. पिछले वर्ष 77 लाख मीट्रिक टन खरीदी हुई थी, जबकि इस साल 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य रखा गया है.
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