मध्यप्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार 20 जुलाई से शुरू होगा, जिसके हंगामेदार रहने की संभावना है. भाजपा ने जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश करने की तैयारी की है, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी.
सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले रविवार 19 जुलाई को मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने यूसीसी विधेयक के मसौदे को मंजूरी देने के अलावा श्रम संहिता, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, नागरिक सुरक्षा और व्यवसाय की सुगमता से जुड़े विधेयकों को भी स्वीकृति दी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी सहित उपरोक्त विधेयकों को 20 जुलाई से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा और इन्हें पारित कराया जाएगा.
विधानसभा अध्यक्ष ने लिया तैयारियों का जायजा
इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मानसून सत्र की तैयारियों का जायजा लिया और उम्मीद जताई कि यह सत्र सार्थक होगा और लोक कल्याण के मुद्दों पर सकारात्मक बहस होगी. उन्होंने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए.
इन मुद्दों को सदन में उठाएगी कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने आवास पर पार्टी विधायक दल की बैठक की और कहा कि कांग्रेस इसमें जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पेपर लीक के मद्देनजर रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में व्यापक सुधार, केन-बेतवा परियोजना से जुड़े मुद्दों, प्रदेश में सामने आए घोटालों और भ्रष्टाचार के अन्य मामलों को जोरदार तरीके से उठाने की रणनीति बनाई गई.
उन्होंने कहा कि इनके अलावा किसानों की समस्याओं, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती संबंधी वार्षिक कार्यक्रम जारी करने की मांग, समान नागरिक संहिता, आदिवासियों, दलितों के अधिकारों और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार सहित अन्य मुद्दों को उठाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान इन सभी मुद्दों को तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रभावी ढंग से सदन में उठाया जाएगा.
कांग्रेस विधायक दल सरकार को जवाब देने के लिए करेगा मजबूर
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं और आदिवासियों व दलितों के अधिकारों से जुड़े गंभीर प्रश्न लगातार सामने आ रहे हैं, जिन पर सरकार को जवाब देना होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल पूरी तैयारी, एकजुटता और तथ्यात्मक आधार के साथ विधानसभा सत्र में सरकार को जनता से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर जवाब देने के लिए मजबूर करेगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप रचनात्मक और प्रभावी भूमिका निभाते हुए प्रदेश के हितों से जुड़े हर विषय को सदन में प्रमुखता से उठाएगा.
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