मध्य प्रदेश में पहली बार मानसून के समय बारिश का आंकड़ा माइनस में पहुंचा है. एमपी में सामान्य से 3 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग, भोपाल (IMD) का कहना है कि राज्य में अभी मानसून कमजोर हो गया है और आधे से ज्यादा जिलों में सूखे जैसे हालात हैं. जुलाई में माह में बारिश कम होना, वो भी जब राज्य में मानसून पर पूरे जोर पर होता है तो वह चिंता करने वाला है.
मध्य प्रदेश में सामान्य से 3% कम बारिश
पूर्वी मध्य प्रदेश में 17% और पश्चिमी एमपी में 10% बारिश की कमी है. पिछले 5 दिन से राज्य में भारी बारिश नहीं हुई है. मौसम विभाग का मानना कि यह सिलसिला अगले 3 दिन तक चल सकता है, जब पानी नहीं गिरेगा. पूर्वी संभाग में जबलपुर, शहडोल, सागर, रीवा और पश्चिमी संभाग में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल वह इलाके हैं, जो वर्षा की कमी झेल रहे हैं.
आज एमपी के 29 जिलों में हल्की बारिश का अनुमान
मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, दतिया, धार, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, शिवपुरी और विदिशा जिले में मौसम विभाग ने हल्की बारिश का अनुमान जताया है.
26 जिले ज्यादा बारिश वाले
छतरपुर, दमोह, निवाड़ी, पांढुर्णा, आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर और उज्जैन में आज ज्यादा बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग का मानना है कि 2-3 दिनों में नया सिस्टम बनेगा तो फिर से मानसून रफ्तार पकड़ेगा, जिसके बाद एमपी में फिर पानी बरसेगा.
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