
Folk Singer Manya Pandey: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में जन्मी लोकगायिक मान्या पांडे किसी परिचय की मोहताज नहीं. महज 5 वर्ष की उम्र से लोकगीतों का गायन शुरू करने वाली मान्याअब तक 400 से अधिक मंचों पर प्रस्तुति दे चुकी हैं और अब उनके पास 2 हजार से अधिक लोकगीतों का संकलन हो गया है.
बघेली बोली की अपनी एक अलग मिठास है
विंध्य लोक रंग महोत्सव में प्रस्तुति के दौरान एनडीटीवी से बातचीत में मान्या पांडे ने बताया कि बघेली बोली में एक अलग मिठास है, जिसके लोक गीतों में जन्म से लेकर विवाह तक संस्कार गीत गाए जाते हैं. हालांकि मान्या कहती हैं कि इसमें अब कमी आती जा रही है, लेकिन बघेली बोली, संस्कृति और परंपरा को बचाए रखने के लिए को कृत संकल्प है.
नौतपा में 9 जिलों का रहा सफर पर निकली हैं मान्या पांडे
मान्या पांड़े ने बताया कि यदि मन में कुछ कर गुजरने की बात है तो सब संभव हो पाता है. पिछले 9 दिनों से अलग-अलग जिलों में लोकगीतों की प्रस्तुति दे चुकी है, जिसमें रीवा एवं शहडोल संभाग के जिले शामिल रहे हैं. रविवार को सीधी जिले में विंध्य लोक रंग महोत्सव में पहुंची ने कहा कि सीधी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है उन्हें मंच देने की जरूरत है.
सीधी प्रशासन ने बनाया मान्या पांडे को ब्रांड एंबेसडर
कम उम्र में बड़े-बड़े मंचों को साझा करने पर सीधी जिला प्रशासन ने मान्या पांडे को ब्रांड एंबेसडर बनाया है. सीधी प्रशासन ने मान्या को सीधी पर्यटन , सीधी पुलिस एवं मतदाता जागरूकता अभियान में ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है, जिनके जरिए समय-समय पर जागरूकता को लेकर लोकगीतों की प्रस्तुति दी जाती है.
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