Ayush Tiwari Jabalpur:"सर,परीक्षा के दौरान बहुत तनाव होता है, हम क्या करें?" जबलपुर के छात्र आयुष तिवारी ने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह सीधा सवाल पूछा, तो पीएम ने भी आत्मीय अंदाज में इसका जवाब दिया. दरअसल, आयुष तिवारी वो भाग्यशाली छात्र हैं, जिन्होंने 'परीक्षा पर चर्चा' कार्यक्रम में पूरे मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया. 11वीं कक्षा के विज्ञान के छात्र आयुष का चयन एक लंबी ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद हुआ और वे प्रदेश से चुने गए इकलौते छात्र रहे.
नाश्ते की मेज पर जब 'सरप्राइज' देने पहुंचे मोदी
आयुष ने अपने इस यादगार अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन लोगों को दिल्ली में प्रधानमंत्री निवास पर नाश्ते के लिए आमंत्रित किया गया था. उन्हें लगा था कि पीएम नाश्ते के बाद आएंगे और औपचारिक मुलाकात होगी. लेकिन जब आयुष नाश्ता कर रहे थे और उन्होंने अचानक नजर उठाई, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने बिल्कुल सामने खड़ा पाया. आयुष के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा था. पीएम ने न केवल बच्चों से खुलकर बात की, बल्कि दूसरे बच्चों के साथ आयुष को भी असम का पारंपरिक गमछा पहनाकर सम्मानित भी किया.
'परीक्षा पर चर्चा': जबलपुर के आयुष तिवारी ने पीएम मोदी से पूछा सवाल, मिला तनाव दूर करने का मंत्र.
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) February 6, 2026
'परीक्षा पर चर्चा': जबलपुर के आयुष तिवारी ने पीएम मोदी से पूछा सवाल, मिला तनाव दूर करने का मंत्र.#ParikshaParCharcha #MadhyaPradesh pic.twitter.com/c2Olunf7GU
तनाव पर पीएम का वो 'जादुई' जवाब
चर्चा के दौरान जब आयुष ने परीक्षा के प्रेशर और एकाग्रता को लेकर सवाल किया, तो पीएम मोदी ने इसे एक उत्सव की तरह लेने की सलाह दी. पीएम ने कहा कि दबाव तब होता है जब आप दूसरों को दिखाने के लिए पढ़ते हैं. उन्होंने मजेदार अंदाज में समझाया कि परीक्षा को जीवन-मरण का सवाल बनाने की जरूरत नहीं है. अगर आप खुद से मुकाबला करेंगे और तनाव को कमरे के बाहर छोड़कर परीक्षा हॉल में जाएंगे, तो परिणाम हमेशा बेहतर होंगे. पीएम का यह सहज अंदाज देखकर आयुष और वहां मौजूद दूसरे छात्रों को भा गया.
जबलपुर के मॉडल स्कूल में जश्न का माहौल
आयुष की इस उपलब्धि से जबलपुर के पं. लज्जा शंकर झा उत्कृष्ट मॉडल स्कूल में खुशी की लहर है. स्कूल की शिक्षिका डॉ. भारती मालपानी और पूरे स्टाफ का कहना है कि आयुष ने जबलपुर का नाम पूरे देश में रोशन किया है. आज जब इस कार्यक्रम का प्रसारण हुआ, तो स्कूल के छात्र अपने साथी को टीवी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री के साथ संवाद करते देख गर्व से भर उठे. आयुष की यह सफलता अब दूसरे छात्रों के लिए भी प्रेरणा बन गई है.