मध्य प्रदेश के इंदौर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात लसुड़िया थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां एक कलयुगी पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता फरार हो गया. वह न तो अपने पास मोबाइल रखता था और न ही उसका कोई स्थायी ठिकाना था. लेकिन, लसुड़िया थाने में पदस्थ महिला आरक्षक ने जांबाजी और सूझबूझ दिखाकर आरोपी पिता को भागने से पहले दबोच लिया.
जानकारी के अनुसार, मामला लसुड़िया थाना क्षेत्र का है, जहां एक घुमक्कड़ प्रवृत्ति के पिता ने रिश्तों की मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं. आरोपी पिता अपनी बेटी को लकड़ी बीनने के बहाने जंगल में सुनसान स्थान पर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. डरी-सहमी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर मां को घटना की जानकारी दी. इसके बाद दोनों ने थाने पहुंचकर आरोपी पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. लेकिन, पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की गिरफ्तारी थी. वह न तो मोबाइल का इस्तेमाल करता था और न ही उसका कोई घर था. जिससे उसका पता आसानी से चल सके.
रास्ते में बेटी ने आरोपी पिता को पहचाना
लेकिन, किस्मत को भी यह मंजूर नहीं था कि बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाला दरिंदा पिता खुलेआम घूमे. हुआ यह कि महिला आरक्षक संतोष दांगी पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए उसे अस्पताल ले जा रही थीं. इस दौरान रास्ते में पीड़िता ने आरोपी पिता को पहचान लिया और तुरंत महिला आरक्षक को जानकारी दी. उन्होंने बिना समय गंवाए अकेले ही आरोपी को पकड़ लिया और तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए थाने को सूचित कर टीम को बुलाया. महिला आरक्षक की इस तत्परता और साहस को देखते हुए डीसीपी ने उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है.
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