
Indore's famous Sarafa Chat-Chowpatty: अपने जायकेदार पकवानों के लिए देश-विदेश में मशहूर इंदौर की रात्रिकालीन सराफा चाट-चौपाटी (Sarafa Market) को शहरी निकाय की एक जांच समिति ने मंगलवार को बारूद के ढेर (Heap of Gunpowder) पर बताया. समिति ने कहा कि पर्यटकों के आकर्षण के खास केंद्र चौपाटी में आग से सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं हैं. अधिकारियों ने बताया कि हरदा के पटाखा कारखाने (Harda Factory Blast) में छह फरवरी को भीषण विस्फोट के बाद इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव (Indore Mayor Pushyamitra Bhargava) ने बेहद तंग गली में चल रही सराफा चौपाटी में अग्नि सुरक्षा और अन्य इंतजामों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की थी.
तंग गलियों में लगती है चौपाटी
समिति के अध्यक्ष और महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर ने संवाददाताओं को बताया, 'हमने सराफा चाट-चौपाटी का दौरा किया, तो लगा कि यह जगह वास्तव में बारूद के ढेर पर है. वहां अलग-अलग व्यंजन बनाने के लिए लगातार भट्टियां चलती हैं, जबकि तंग इलाका होने के चलते वहां सड़क पर लोगों की इतनी भीड़ रहती है कि वे ठीक से चल तक नहीं पाते.''
उन्होंने बताया कि पकवानों के दुकानदारों के एक तबके ने सराफा चाट-चौपाटी के स्थानांतरण का समर्थन किया है, जबकि एक अन्य तबका चाहता है कि उचित इंतजाम करके इसे वर्तमान जगह पर ही चलाया जाए. राठौर ने कहा कि महापौर आम लोगों और जन प्रतिनिधियों से राय-मशविरा करके सर्राफा चाट-चौपाटी के भविष्य के बारे में फैसला करेंगे. चश्मदीदों ने बताया कि बमुश्किल 20 फुट चौड़ी और आधा किलोमीटर लम्बी गली में चल रही सराफा चौपाटी में पकवानों की करीब 250 दुकानें हैं.
रात में खुलती है चौपाटी
हर रोज रात आठ बजे के बाद जेवरात की दुकानें बंद होते ही सराफा बाजार, सराफा चौपाटी में बदल जाता है और इन दुकानों के बाहर व्यंजनों के प्रतिष्ठान सजने लगते हैं. स्वाद का यह पारंपरिक बाजार रात दो बजे तक खुला रहता है जहां इंदौर के आम लोगों के साथ ही पर्यटकों की भी भारी भीड़ रहती है.
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