छत्तीसगढ़ सरकार के नियमित कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत और सुविधा की घोषणा की गई है. दरअसल, राज्य सरकार और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बीच उन्नत वेतन पैकेज को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है. इस एमओयू के तहत राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को अब न केवल बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि करोड़ों रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवच भी प्राप्त होगा.
इस समझौते के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र में वेतन खाता संचालित करने वाले सभी नियमित शासकीय कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम' से जोड़ा जाएगा. इस योजना के तहत कर्मचारियों को उन्नत, निःशुल्क और व्यापक बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं और मजबूत होंगी.

दुर्घटना बीमा में मिलेगा करोड़ों का सुरक्षा कवच
एमओयू के अनुसार, खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना की स्थिति में 1.25 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा. वहीं, हवाई दुर्घटना की स्थिति में 1 करोड़ रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवर प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में भी 1.25 करोड़ रुपये तक का कवर और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस दिया जाएगा.
गोल्डन आवर इलाज और परिवार के लिए खास लाभ
इस वेतन पैकेज में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है. कर्मचारियों को गोल्डन आवर के अंतर्गत 1 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही सामाजिक और पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिटिया की शादी के लिए 10 लाख रुपये तक और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी 10 लाख रुपये तक का लाभ प्रदान किया जाएगा.
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इसके अलावा खाताधारक कर्मचारियों को अन्य आकर्षक बैंकिंग लाभ, वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा पर टॉप अप जैसी सुविधाएं भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी. यह समझौता 10 फरवरी 2026 को वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र, रायपुर अंचल के अंचल प्रबंधक वी. वेंकटेश की उपस्थिति में संपन्न हुआ.
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