पुलिसवाला हो तो ऐसा, सड़क पर दर्द से छटपटा रहा था बुजुर्ग, सीपीआर देकर बचा ली जान 

Generous Police: समाज में एक पुलिसवाले की छवि अक्सर कठोर और अकड़ू के रूप में परोसी जाती है, लेकिन सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध ने जरूरतमंद बुजुर्ग को सीपीआर देकर न केवल उसकी जान बचा ली, बल्कि समाज में बनी पुलिस की उस छवि को भी बदल दी, जिसमें 'पुलिस से न दोस्ती अच्छी और न दुश्मनी अच्छी' की कहावत प्रचलित है. 

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Gwalior Police Saved Older men life by giving CPR

Gwalior Police: ग्वालियर जिले में सड़क पर दर्द से छटपटा रहे एक बुजुर्ग की जान बचाने वाले एक पुलिसवाले की खूब तारीफ हो रही है. ग्वालियर पुलिस में सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध को जब पता चला कि सड़क पर पड़े एक बुजर्ग को दिल का दौरा पड़ा है, तो बिना देर किए बुजुर्ग को सीपीआर देकर उसकी जान बचा ली. बुजुर्ग को सीपीआर दे रहे पुलिसवाले का वीडियो इंटरनेट पर अब तेजी से वायरल हो रहा है और लोग सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध की खूब तारीफ कर रहे हैं.

समाज में एक पुलिसवाले की छवि अक्सर कठोर और अकड़ू के रूप में परोसी जाती है, लेकिन सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध ने जरूरतमंद बुजुर्ग को सीपीआर देकर न केवल उसकी जान बचा ली, बल्कि समाज में बनी पुलिस की उस छवि को भी बदल दी, जिसमें 'पुलिस से न दोस्ती अच्छी और न दुश्मनी अच्छी' की कहावत प्रचलित है. 

अजब MP में गजब फर्जीवाड़ाः गांव में बकरियां चराता मिला ITBP का जवान, रिकॉर्ड में असम में है तैनात!

सब इंस्पेक्टर ने बुजुर्ग को सीपीआर देना शुरू किया, जिससे बुजुर्ग की जान बच गई

रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को अचानक दिल का दौरा पड़ने से एक बुजुर्ग सड़क पर गिर गया और छटपटाने लगा. तभी वहां खड़े सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध ने बुजुर्ग को सीपीआर देना शुरू किया, जिससे बुजुर्ग की जान बच गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा हैं और लोग जान बचाने वाले सब इंस्पेक्टर की तारीफ़ भी कर रहे हैँ.

Advertisement

सड़क हादसे की आशंका में तड़प रहे बुजुर्ग के पास पहुंचे एसआई राजकुमार बौद्ध

बुजुर्ग की जान बचाने वाले सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध मंगलवार को थाटीपुर थाने की ऒर जा रहे थे. तभी रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाले फुट ओवर ब्रिज के पास लोगों की भीड़ देखकर उनके कदम ठहर गए. किसी सड़क हादसे की आशंका में गाड़ी रोककर नजदीक पहुंचे तो देखा कि एक बुजुर्ग सड़क पर तड़फ रहा है.

Death After Vaccination: नर्स ने 3 महीने की बच्ची को बैक टू बैक लगा दिए दो टीके, तड़प-तड़पकर मासूम ने तोड़ा दम

स्कूटी से कहीं जा रहे बुजुर्ग को को दिल का दौरा पड़ा था. सब इंस्पेक्टर माजरा समझ गए और बिना अतिरिक्त समय गंवाए बुजुर्ग को सीपीआर देना शुरू कर दिया. बुजुर्ग की पल्स बहुत स्लो थी, लेकिन सब इंस्पेक्टर की सूझबूझ से पीड़ित की जान बच गई. 

बुजुर्ग के परिजनों को सूचित किया और फिर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया

जब मरीज को थोड़ा होश आया और स्थिति में सुधार दिखा तो उन्होंने बताया कि उनका नाम घनश्याम गौड़ है और वे बहोड़ापुर के रहने वाले हैं. इसके पहले भी उन्हें एक बार दिल का दौरा पड़ चुका है. सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध ने इसके बाद घनश्याम से नम्बर लेकर उनके परिजनों को सूचित किया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. 

पीड़ित की जान बचाने के लिए व्यक्ति को मुंह से मुंह लगाकर दी जाती है सांस

सब इंस्पेक्टर ने बताया कि ऐसे केस को हैंडल करने के लिए ही उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है. ताकि पीड़ितों को सीपीआर देकर अस्पताल तक पहुंचाया जा सके. उन्होंने बताया कि सीपीआर प्रक्रिया के दौरान पीड़ित की जान बचाने के लिए व्यक्ति को मुंह से मुंह लगाकर सांस दी जाती है अथवा छाती को दबाकर धड़कन को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है.

Advertisement

ये भी पढ़ें-Bird Flu: कोरिया में हाहाकार, बर्ड फ्लू के कहर से कांपा प्रशासन, घोषित किया प्रतिबंधित क्षेत्र