
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की गैंगरेप पीड़िता (Gangrape Victim) को इंदौर के एक निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा 14 लाख रुपये की फीस भरने के लिए नोटिस जारी किया गया. यह मामला सामने आने पर सियासत गरमा गई थी. वहीं अब इस मामले में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा गलती से नोटिस जारी कर दिया गया था. इस गलती को स्वीकार करते हुए उस रेप पीड़िता की पूरी फीस स्कूल प्रबंधन द्वारा वहन करने की बात भी सामने आ गई है. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता ने दावा किया है पीड़िता की समस्त फीस स्कूल प्रबंधन वहन करेगा उधर कांग्रेस (Congress) पार्टी इस मामले में हमलावर है और मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री (Former Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) शिवराज सिंह चौहान द्वारा पीड़िता की फीस भरने के वादे को सरकार द्वारा तोड़े जाने का आरोप लगा रही है.
क्या है मामला?
मध्य प्रदेश के मंदसौर में 27 जून 2018 को 8 वर्षीय स्कूल छात्रा से गैंगरेप की वारदात के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गैंगरेप पीड़िता और उसके परिवार को इंदौर शिफ्ट किया था. इस दौरान गैंगरेप पीड़िता और उसकी बहन की पढ़ाई का खर्चा शासन (Madhya Pradesh Government) द्वारा उठाने करने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी.

विपिन जैन कांग्रेस विधायक, मंदसौर
14 लाख रुपये के नोटिस के बाद कांग्रेस हमलावर हुई
मंदसौर की गैंगरेप पीड़िता की मुफ्त पढ़ाई की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बावजूद इंदौर के निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा पीड़िता के पिता को 14 लख रुपए की फीस वसूली का नोटिस जारी किए जाने पर कांग्रेस हमलावर है. मंदसौर से कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने इंदौर कलेक्टर और मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखकर मांग की है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वादे के मुताबिक पीड़िता की फीस को सरकार तुरंत जमा करवाएं.

यशपाल सिंह सिसोदिया, बीजेपी प्रवक्ता, मध्यप्रदेश
वहीं भाजपा प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने उन्हें फोन कर आश्वस्त किया है कि यह पत्र स्कूल प्रबंधन की गलती से जारी हो गया था. पीड़िता और उसकी बहन की शिक्षा का पूरा खर्च स्कूल खुद वहन करेगा. स्कूल प्रबंधन ने यह बात कलेक्टर आशीष सिंह को बताई है. पीड़िता और उसके परिजनों को कोई फीस नहीं भरनी होगी. हालांकि उन्होंने कहा की स्कूल प्रबंधन ने जो पत्र जारी किया उसमें पीड़िता का नाम लिखकर पहचान उजागर की गई है जो की पाक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत अपराध है.
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