
Jabalpur Dhan Kharidi Negligence: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर में किसान परेशानी में हैं. धान खरीदी (Paddy Purchase) होने के बाद भी उनके चेहरे पर उदासी नजर आ रही है. जिले के उपार्जन केंद्रों पर किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज को बेचना और समय पर भुगतान पाना कठिन बनता जा रहा है. दो दिसंबर से शुरू हुई धान खरीदी में जबलपुर में अब तक 11 हजार किसानों से नौ लाख 90 हजार क्विंटल धान खरीदी की हैं. जिसके महज नौ करोड़ 80 लाख रुपये ही किसानों को भुगतान हो पाया है और लगभग 218 करोड़ रुपये की राशि बकाया है.

धान खरीदी का पैसा किसानों तक एक हफ्ते में भी नहीं पहुंचा
वेयरहाउस और प्रशासन के बीच अटका मामला
जबलपुर में वेयरहाउस मालिकों व प्रशासन की लड़ाई में धान खरीदी सुचारू रूप से नहीं होने के कारण किसान परेशान है. धान खरीदी केंद्रों से धान का परिवहन और वेयरहाउस में रखने की धीमी गति के कारण धान का भुगतान नहीं हो पा रहा है. नियमानुसार, वेयरहाउस में निर्धारित मात्रा का स्टेक पूर्ण होने के बाद ही टीपी काटी जाती है और उसके बाद किसान को भुगतान किये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ होती है. किसानों का कहना है कि परिवहन व वेयरहाउस में रखे जाने की प्रक्रिया में प्रशासन व वेयरहाउस मालिकों में सामंजस्य न होने का खामियाजा किसान भुगतने को मजबूर है.

जबलपुर में किसानों को हो रही परेशानी
किसानों को पैसे की सख्त जरूरत-राष्ट्रीय प्रचार मंत्री
भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री राघवेंद्र पटेल ने किसानों की इस परेशानी पर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि गेहूं, चना व मटर की फसल में लागत के लिए किसान को अभी पैसे की जरूरत है. भुगतान की समय सीमा सात दिन बीत चुकी है. बीस दिन हो जाने के बाद भी धान का भुगतान न होने के कारण किसान परेशान हैं. पटैल ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि धान के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है.

जबलपुर में धान खरीदी में किसानों के साथ स्कैम
ये भी पढ़ें :- खाट पर 'अस्पताल', 55 साल से ग्रामीणों को सड़क का इंतजार... पीने के पानी के लिए भी यहां के लोग कर रहे जद्दोजहद!
सब हो रहा नियमानुसार-कलेक्टर
जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने एनडीटीवी को बताया की चिंता की कोई बात नहीं है. यह जरूर है कि जबलपुर और बालाघाट में भुगतान में कुछ विलंब हुआ है क्योंकि धान खरीद एजेंसी के बदले जाने के कारण केंद्र सरकार के पोर्टल से जो भुगतान सीधे किया जाता है, उसमें बैंक अकाउंट बदले गए, हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी बदले गए. इस कारण कुछ विलंब हुआ. लेकिन, अब भुगतान प्रक्रिया सामान्य हो गई है और जल्द ही बैकलॉग भी पूरा कर लिया जाएगा.
ये भी पढ़ें :- Good News: नए साल से पहले आई खुशखबरी, सालों से अटकी अनुकंपा नियुक्ति पर जल्द होगी भर्ती