मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने मेसर्स स्वास्तिक इंटरप्राइजेज के सीमा खरे पर 8 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक का भारी जुर्माना ठोक दिया है. यह कार्रवाई अवैध रूप से ग्रेनाइट के उत्खनन और बिक्री के मामले में की गई है.
जांच में सामने आया कि संबंधित पट्टेदार ने स्वीकृत लीज क्षेत्र की सीमाओं का उल्लंघन करते हुए लगभग 40 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्र में अवैध उत्खनन किया. ग्राम मलका, तहसील महाराजपुर स्थित खसरा नंबर 470 में 45 मीटर लंबाई, 40 मीटर चौड़ाई और 10 मीटर गहराई तक खुदाई की गई, जो स्वीकृत खनन सीमा से बाहर थी. इस दौरान 2880 घनमीटर ग्रेनाइट का अवैध उत्खनन कर उसका विक्रय किया गया.

खनिज निरीक्षण में हुई थी पुष्टि
दरअसल, खनिज निरीक्षक की 3 जनवरी 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक सीमांकन के दौरान अवैध खनन की पुष्टि हुई थी. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि स्वीकृत खदान क्षेत्र के अन्य हिस्सों में खनन से निकला मलबा भी अव्यवस्थित तरीके से डाला गया, जिससे पर्यावरणीय नुकसान हुआ.
इस आधार पर लगा जुर्माना
प्रशासन की ओर से लगाए गए जुर्माने की गणना बाकायदा नियमों के तहत की गई है.
- अवैध उत्खनन: 2880 घन मीटर ग्रेनाइट
- रॉयल्टी दर: ₹1000 प्रति घन मीटर
- कुल रॉयल्टी: ₹28.80 लाख
- रॉयल्टी का 15 गुना अर्थदंड: ₹4.32 करोड़
- पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल जुर्माना: ₹8.64 करोड़
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत की गई है.
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खनिज विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले में इस वर्ष अब तक करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व वसूली की जा चुकी है. यह दिखाता है कि प्रशासन अवैध खनन पर रोक लगाने और राजस्व संरक्षण को लेकर गंभीर है. इस पूरे मामले पर खनिज अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि अवैध खनन के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
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