Chitrakoot Vishwavidyalaya: दीप प्रज्वलन में नहीं पहुंचने पर छात्र-छात्राओं से वसूले जा रहे 500-500 रुपये, जानें मामला     

Chitrakoot University Students Fine: छात्रों का कहना कि जुर्माना का आदेश 27 मार्च को आयोजित होने वाले कार्यक्रम से पहले जारी क्यों नहीं किया गया. उनका कहना है कि अगर, समय पर सूचना मिलती तो अधिक संख्या में छात्र कार्यक्रम में भाग ले सकते थे. इसके अलावा, खराब मौसम और अन्य परिस्थितियों के कारण कई छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं,

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Mahatma Gandhi Chitrakoot Gramodaya Vishwavidyalayaसतना जिले का महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है. इस बार मामला छात्रों से कथित रूप से जबरन पैसे वसूली का सामने आया है, जिसे लेकर छात्र-छात्राओं में नाराजगी है. ग्रामोदय प्रबंधन ने बीते 27 मार्च को आयोजित नगर गौरव दिवस और श्रीराम नवमी पर्व पर 21 लाख दीए जलाने के लक्ष्य पर सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए छात्रों को उपस्थित होने के निर्देश दिए थे. लेकिन, खराब मौसम के चलते कार्यक्रम प्रभावित हुआ और लक्ष्य अधूरा रह गया. अब विवि प्रबंधन ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए अनुपस्थिति छात्रों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगा दिया. 

जानकारी के अनुसार, व्यवसाय प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सी. पी. गूजर के हस्ताक्षर से 28 मार्च को जारी एक पत्र में 27 मार्च को राम नवमी एवं चित्रकूट गौरव दिवस के अवसर पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए गए थे. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि जो छात्र कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, उन्हें 28 मार्च की मौखिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इस निर्देश के बावजूद कई छात्र दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके. ऐसे में अब  उन छात्रों से 500-500 रुपए का अर्थदंड वसूला जा रहा है. छात्रों का कहना है कि यह राशि किसी आधिकारिक विश्वविद्यालय खाते में न लेकर निजी खाते में जमा कराई जा रही है. जिससे भी इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. उनका कहना है कि वाइवा में शामिल नहीं करने का डर दिखाकर उनसे ऑनलाइन पेमेंट लिया जा रहा है. छात्रों द्वारा किए गए भुगतान के स्क्रीन शॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. 

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पहले जारी नहीं हुआ जुर्माने का आदेश

छात्रों का कहना कि जुर्माना का आदेश 27 मार्च को आयोजित होने वाले कार्यक्रम से पहले जारी क्यों नहीं किया गया. उनका कहना है कि अगर, समय पर सूचना मिलती तो अधिक संख्या में छात्र कार्यक्रम में भाग ले सकते थे. इसके अलावा, खराब मौसम और अन्य परिस्थितियों के कारण कई छात्राएं कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं, अब उनसे 500 रुपये वसूले जा रहे हैं. छात्रों की मांग है प्रबंधन इस आदेश को वापस ले, साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. अगर, किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए. 

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