Madhya Pradesh Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है. दतिया विधायक को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस आमने‑सामने हैं. इसी बीच कांग्रेस विधायक ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आने वाले राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को न सिर्फ अपने विधायकों का, बल्कि भाजपा के कुछ विधायकों का समर्थन भी मिलेगा. इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.
खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सम्मेलन
खंडवा में कांग्रेस पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन आयोजित किया गया. इस सम्मेलन में हरदा से कांग्रेस विधायक आरके दोगने प्रभारी के रूप में शामिल हुए. सम्मेलन के दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और प्रदेश व केंद्र सरकार की नीतियों तथा विफलताओं को आम जनता तक पहुंचाने की अपील की.
भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप
सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक आरके दोगने ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि भाजपा हार के डर से बौखला गई है और अब संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है. दोगने ने सीधे तौर पर यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की मिलीभगत से संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब की जा रही है.
दतिया विधायक मामले पर तीखी टिप्पणी
कांग्रेस विधायक ने दतिया विधायक को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा रात के समय में भी विधानसभा खुलवाने में सफल हो जाती है. उनका कहना था कि राज्यपाल के आदेश के जरिए ऐसा किया गया, जो सवाल खड़े करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल भी कहीं न कहीं भाजपा नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
राज्यसभा चुनाव में बीजेपी विधायकों के समर्थन का दावा
सबसे बड़ा बयान देते हुए आरके दोगने ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी. उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में कांग्रेस को भाजपा के कुछ विधायकों का भी समर्थन मिलने वाला है. उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है.
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में इन दिनों दतिया विधायक मामले और राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है. दोनों दल एक‑दूसरे पर आरोप‑प्रत्यारोप लगा रहे हैं. आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं, जिससे राज्यसभा चुनाव और ज्यादा दिलचस्प बनता दिख रहा है.