भिंड: ₹25 लाख के चेक बाउंस मामले में मध्य प्रदेश बीज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा नेता राजकुमार कुशवाहा की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. न्यायालय ने उनकी लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. इसके साथ ही पूर्व में जारी वारंट की तामील नहीं होने पर कोर्ट ने पुलिस को भी फटकार लगाई.
न्यायालय की 21 जुलाई 2026 की ऑर्डर शीट के अनुसार, सुनवाई के दौरान अभियुक्त राजकुमार कुशवाहा न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए. अदालत ने यह भी दर्ज किया कि पहले जारी किया गया गिरफ्तारी वारंट प्रभावी रूप से तामील नहीं कराया गया और अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश नहीं किया जा सका. इस स्थिति पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों को वारंट का तत्काल पालन कराने और अभियुक्त की उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए.
कोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार
अदालत ने सख्त लहजे में कहा- 'न्यायालय के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी. वारंट के निष्पादन में हुई ढिलाई पर अदालत ने पुलिस को भी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि अभियुक्त की गिरफ्तारी और न्यायालय में पेशी सुनिश्चित करने के लिए कानून के अनुसार त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की जाए'. इस मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है.