
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के जिला अस्पताल से एक बड़ी लापरवाही की घटना सामने आ रही है.
एक महिला की डिलीवरी के बाद प्रसुताओं का नसबंदी का ऑपरेशन किया और लापरवाही करते हुए इन प्रसुताओं को सामान्य वार्ड की जगह टीबी के मरीजों के साथ आईसोलेटेड वार्ड में भर्ती कर दिया गया. इस दौरान टीबी के एक मरीज की मौत हो गई तब इन प्रसुताओं के मरीजों के परिजनों को पता चला कि ये टीबी के मरीजों का वार्ड है. ये जानकर मरीज दहशत में आ गए. परिजन नवजात बच्चों को लेकर बरामदे में आ गए और डॉक्टरों से इस वार्ड में मरीजों को भर्ती करने से मना किया लेकिन डॉक्टर अपनी जिद पर अड़े रहे.
आम आदमी के नेता शांतनु पाटीदार ने इस मामले की शिकायत जिला क्लेक्टर से की
इसके बाद कुछ लोगों ने इसकी शिकायत आम आदमी पार्टी के लोकसभा सचिव शांतनु पाटीदार से कर दी. शांतनु पाटीदार अपने कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और शिकायत को सही पाया. शांतनु पाटीदार ने इस मामले की जानकारी कलेक्टर भव्या मित्तल को दी. कलेक्टर ने तत्काल डिप्टी कलेक्टर और जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी राजेश पाटीदार को मौके पर भेजा. तब डिप्टी कलेक्टर ने जिला अस्पताल में टीबी वार्ड से प्रसुताओं को निकालकर सामान्य वार्ड में शिफ्ट करने का आदेश दिया. डिप्टी कलेक्टर ने माना ये लापरवाही है और इस मामले की जांच कराई जायेगी. जिला अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों की इस घोर लापरवाही से प्रसुताओं को संक्रमण का खतरा था, इस तरह की लापरवाही के बाद प्रसुताओं की परिजनों में काफी रोष है.