Bhopal News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. तेज रफ्तार और अनियंत्रित सीएनजी टैंकर रिहायशी इलाके की बस्ती में जा घुसा. इस भीषण हादसे ने कई घरों को जमींदोज कर दिया और घरों के अंदर सो रहे मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया. दर्दनाक हादसे में एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
आधी रात को मचा कोहराम
जानकारी के अनुसार, यह हृदय विदारक हादसा रात करीब 2:20 बजे हुआ. उस वक्त बस्ती के अधिकांश लोग गहरी नींद में थे. अचानक हुए तेज धमाके और चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सीएनजी टैंकर की रफ्तार बहुत तेज थी और चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा था. अनियंत्रित होकर टैंकर सीधे बस्ती में घुसा और एक के बाद एक तीन से चार कच्चे-पक्के मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया.
मलबे में दबे मासूम, मौके पर हुई मौत
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टैंकर के भारी-भरकम टायरों के नीचे दबने से एक मासूम बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. मलबे और टैंकर की चपेट में आने से तीन से चार अन्य बच्चे भी लहूलुहान हो गए. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का बचाव कार्य शुरू किया.

Bhopal Uncontrolled CNG Tanker Plows Into Houses Child Dead
पुलिस की कार्रवाई और राहत कार्य
सूचना मिलते ही छोला मंदिर और निशातपुरा थाना पुलिस का बल मौके पर पहुंचा. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए पीपुल्स अस्पताल पहुँचाया गया. डॉक्टरों के अनुसार, घायल बच्चों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उनका सघन उपचार जारी है. पुलिस ने टैंकर चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है.
एसीपी अक्षय चौधरी ने बताया कि "रात करीब 2:20 बजे सूचना मिली थी कि एक सीएनजी टैंकर अनियंत्रित होकर घरों में घुस गया है. पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत कार्य शुरू किया. प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही सामने आई है. इस हादसे में एक बच्ची की दुखद मृत्यु हुई है और 4 अन्य लोग घायल हैं. आरोपी चालक के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है."
इलाके में आक्रोश और शोक की लहर
इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की बेरोकटोक और अनियंत्रित आवाजाही के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं. मृतक बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषी चालक और संबंधित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो.
पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए. रिहायशी क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर कड़े नियम बनाए जाएं. प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. यह हादसा एक बार फिर शहर की सड़कों पर दौड़ते "यमदूत" बने भारी वाहनों और यातायात सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है.
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