विज्ञापन

Twisha Sharma Case: 4 जजों ने छोड़ी सुनवाई, कोर्ट बदला... फिर गिरिबाला सिंह को लगा बड़ा झटका

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका लगा है. विशेष कोर्ट ने सीबीआई की दलीलों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी.

Twisha Sharma Case: 4 जजों ने छोड़ी सुनवाई, कोर्ट बदला... फिर गिरिबाला सिंह को लगा बड़ा झटका
bhopal twisha sharma case 4 judges recuse retired judge giribala singh bail rejected

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका विशेष कोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट ने आरोपों को बेहद गंभीर मानते हुए सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. शनिवार 25 जुलाई को कोर्ट ने जमानत निरस्त करने का आदेश सुनाया. बता दें कि गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले चार जज खुद को इस केस से अलग कर चुके थे, जिसके बाद यह मामला विशेष न्यायाधीश राम प्रताप मिश्रा की कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था. 

कोर्ट ने फैसला रख लिया था सुरक्षित 

24 जुलाई को विशेष न्यायाधीश राम प्रताप मिश्रा की को अदालत में जमानत अर्जी पर लंबी सुनवाई हुई थी, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था. सुनवाई के दौरान वकील ने तर्क दिया कि गिरिबाला एक वरिष्ठ महिला हैं और उम्र अधिक होने के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं.

गिरिबाला के वकील ने कहा- उन्‍हें जेल में पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा है, उनकी लगभग 100 वर्षीय मां देखभाल के लिए उन्हीं पर निर्भर हैं. उन्‍होंने जांच में पूरा सहयोग किया है, वे नियमित वेतन व युद्ध वीरांगना पेंशन प्राप्त करती हैं. ट्विशा के साथ उनके अच्छे संबंध थे, वे आर्थिक रूप से सक्षम हैं, इसलिए दहेज मांगने का आरोप स्वाभाविक नहीं है. 

1460 दिन में 12 लाख नशे में बर्बाद किए, 19 साल के सर्वेश ने दुनिया छोड़ने से पहले बयां किया दर्द

कोर्ट में कहा- लिंग के आधार पर कोई छूट नहीं दे सकते 

सीबीआई (CBI) ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए कोर्ट में कहा कि केवल महिला होने के आधार पर राहत देना उचित नहीं होगा, क्योंकि इस मामले में मृतका भी एक महिला ही थी. अतः लिंग के आधार पर कोई छूट नहीं दी जा सकती.  

ज्वेलर्स को 50 ग्राम सोना बेचना पड़ा भारी, 20 दिन बाद बैंक खाता फ्रीज; आखिर ऐसा क्‍यों हुआ?

जेल प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट में स्थिति सामान्य

गिरिबाला के वकील के खराब स्वास्थ्य के हवाले पर सीबीआई ने जेल प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट पेश कर उनकी स्थिति सामान्य बताई. सीबीआई ने यह भी उल्लेख किया कि हाईकोर्ट पहले ही उनकी अग्रिम जमानत निरस्त कर चुका है. जांच के दौरान आरोपी ने अपना वॉयस सैंपल देने से भी इनकार किया था. 

सीबीआई की इन दलीलों से नहीं मिली जमानत 

सीबीआई ने अदालत को बताया कि गिरिबाला सिंह पर जांच प्रभावित करने के गंभीर आरोप हैं. उन्होंने मामले से जुड़े सीसीटीवी तकनीशियन और एक सैलून संचालक से संपर्क किया था, उन्‍होंने फुटेज हासिल करने के लिए अपना निजी प्रतिनिधि भेजा था. सीबीआई ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं, साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती हैं या जांच में बाधा डाल सकती हैं. इन्हीं तमाम तर्कों को सुनने के बाद विशेष कोर्ट ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया.

ट्विशा शर्मा केस: सास गिरीबाला की याचिका पर सुनवाई से दो महिला जजों का इनकार, केस CBI कोर्ट में ट्रांसफर

भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं गिरिबाला और समर्थ 

गिरिबाला सिंह और समर्थ दोनों भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं, जहां 28 जुलाई को उनकी न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल रिमांड) खत्म हो रही है. अब उसी दिन रिमांड पर अगली सुनवाई होगी. इससे पहले गिरिबाला को 15 मई को निचली अदालत से जमानत मिली थी, लेकिन सीबीआई द्वारा केस टेकओवर करने के बाद 27 मई को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी. 20 जुलाई को उन्होंने दोबारा जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने अब खारिज कर दिया है.
पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close