Janani Express Ambulance Accident: मध्यप्रदेश के भिंड जिले में जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही सामने आई है. बिना किसी आपातकालीन कॉल के भिंड की ओर जा रही यह एम्बुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई और सड़क से नीचे पलट गई. इस हादसे में ड्राइवर और स्टाफ सहित तीन लोग घायल हुए, जबकि वाहन के अंदर से शराब की बोतल मिलने ने मामले को और गंभीर बना दिया है.
घटना पोरसा से अटेर मार्ग पर पाली गांव के पास हुई, जहां जननी एक्सप्रेस अचानक नियंत्रण खो बैठी. टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन बिजली के खंभे से भिड़कर खेत में जा गिरा और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे के वक्त हरिओम लहारिया, संजू जाटव और अभिषेक एम्बुलेंस में मौजूद थे. सभी तीनों झटके से अंदर फंस गए. उसी समय वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत मदद की और घायलों को बाहर निकाला. बाद में डायल 112 टीम मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया.
एम्बुलेंस से शराब की बोतल मिलने से विवाद
हादसे के बाद जब वाहन की जांच की गई तो एम्बुलेंस के अंदर से शराब की बोतल मिली. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एम्बुलेंस में सवार लोग चलते वाहन में ही शराब पी रहे थे. हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन शराब की मौजूदगी ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि जांच में यह साबित होता है कि ड्यूटी के दौरान नशे में वाहन चलाया जा रहा था, तो आरोपियों पर सख्त कार्रवाई तय है.
बिना कॉल के भिंड क्यों आ रही थी एम्बुलेंस?
दुर्घटनाग्रस्त एम्बुलेंस हाल ही में मुरैना जिले को मिली तीन नई जननी एक्सप्रेस गाड़ियों में से एक बताई जा रही है. यह दिमनी लोकेशन के लिए निर्धारित थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इसका जीपीएस सिस्टम एक्टिव नहीं था. इसी कारण इसे कोई कॉल आवंटित नहीं हुई थी. इसके बावजूद एम्बुलेंस बिना किसी वैध आपातकालीन कॉल के भिंड की ओर जा रही थी. इस तथ्य ने मॉनिटरिंग सिस्टम, जीपीएस ट्रैकिंग और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
नई एम्बुलेंस होने के बाद भी लापरवाही
सूत्रों के अनुसार, यह एम्बुलेंस सिर्फ कुछ दिन पहले ही जिले को सौंपी गई थी. इन वाहनों का उद्देश्य प्रसूता महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना है. नई गाड़ी होने, जीपीएस का सक्रिय न होना और बिना कारण क्षेत्र बदलकर घूमना ये सभी बातें प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह खड़ा करती हैं.
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. चालक और स्टाफ का मेडिकल परीक्षण कराया जा सकता है. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी जीपीएस सिस्टम, ड्यूटी रजिस्टर और पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कराने की बात कही है. यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शराब सेवन की पुष्टि होती है, तो दोषी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल तीनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है.