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बैतूल में दर्दनाक हादसा: सैप्टिक टैंक में उतरे दो भाइयों की मौत, बचाने गया युवक गंभीर

बैतूल में सैप्टिक टैंक में उतरे दो भाइयों की जहरीली गैस से मौत. उन्हें बचाने गया तीसरा युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती. पढ़िए पूरी खबर.

बैतूल में दर्दनाक हादसा: सैप्टिक टैंक में उतरे दो भाइयों की मौत, बचाने गया युवक गंभीर
सैप्टिक टैंक में उतरे दो भाइयों की दर्दनाक मौत, बचाने गया युवक गंभीर

Betul Septic Tank Accident: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया. मुलताई थाना क्षेत्र के परमंडल गांव में सैप्टिक टैंक के निर्माण के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने के लिए नीचे उतरा तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. यह हादसा उस समय हुआ जब टैंक के अंदर काम करते हुए एक मजदूर अचानक बेहोश हो गया और उसे बचाने के प्रयास में दूसरा भाई भी अंदर चला गया. दोनों बाहर नहीं लौटे तो तीसरा साथी उन्हें निकालने गया, लेकिन वह भी गैस के प्रभाव से बेहोश हो गया. घटना ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

परमंडल गांव में हुआ हादसा

यह हादसा बैतूल जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर मुलताई थाना क्षेत्र के परमंडल गांव के भगत सिंह वार्ड में हुआ. पुलिस के अनुसार, ओमप्रकाश के मकान में सैप्टिक टैंक का निर्माण कार्य चल रहा था.

टैंक के अंदर उतरा मजदूर नहीं लौटा

निर्माण कार्य के दौरान डिवटिया गांव निवासी संजय पंवार (30) टैंक के अंदर काम करने के लिए उतरा. लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उसके भाई विजय पंवार (38) उसे देखने के लिए नीचे गए. वह भी वापस नहीं लौटे, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया.

बचाने गया तीसरा युवक भी हुआ बेहोश

दोनों भाइयों के अंदर फंसे होने का अंदेशा होने पर उनके साथ काम कर रहा मुकेश परिहार (30) भी टैंक में उतर गया. अंदर उसने दोनों को अचेत अवस्था में पड़ा देखा और शोर मचाया. बताया जा रहा है कि जहरीली गैस के प्रभाव से मुकेश भी बेहोश हो गया.

अस्पताल ले जाते ही दो की मौत

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तीनों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. मुलताई के शासकीय अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद संजय और विजय पंवार को मृत घोषित कर दिया. मुकेश को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.

जहरीली गैस से मौत की आशंका

स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माणाधीन सैप्टिक टैंक को करीब एक माह बाद खोला गया था. लंबे समय तक बंद रहने के कारण उसमें जहरीली गैस जमा हो गई थी. आशंका है कि इसी गैस के कारण दम घुटने से दोनों भाइयों की मौत हुई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

जिला अस्पताल के अधिकारी गजेंद्र मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

इलाके में शोक

दो भाइयों की एक साथ मौत से गांव में शोक का माहौल है. स्थानीय लोग इस हादसे को लेकर दुखी हैं और प्रशासन से सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं.

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