200 Crore Fraud Case: ₹200 करोड़ के फर्जीवाड़े के आरोप ने नीमच में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. अक्षय क्रेडिट सोसाइटी के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है. विरोध का अंदाज भी अनोखा है. कलेक्टरेट पहुंचकर दो सदस्यों ने मुंडन करवाकर अपना आक्रोश जताया. पीड़ितों का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन रुकेगा नहीं.
दरअसल, नीमच कलेक्टरेट में अक्षय क्रेडिट सोसाइटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा. इसी दौरान विपुल श्योत्रि और विकास बांगा ने मुंडन करवाकर अपना विरोध दर्ज कराया और अपने बाल सहकारिता विभाग के अधिकारियों को सौंप दिए. उनका कहना था कि सोसाइटी ने लोगों को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया है.
₹200 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप
विकास बांगा ने गंभीर आरोप लगाया कि अक्षय क्रेडिट सोसाइटी ने करीब ₹200 करोड़ की अवैध वसूली की है. उन्होंने बताया कि ‘मंदसौर' और ‘मानसा' नाम से दो फर्में अवैध तरीके से रजिस्टर्ड हैं. मनासा की बंद संस्था से लोन दिखाकर, मंदसौर की संस्था चक्रवृद्धि ब्याज लगाकर लोगों से रकम वसूली जा रही है.
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8 से 10 हजार लोग बताए जा रहे पीड़ित
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक इस अवैध वसूली की वजह से 8–10 हजार लोग परेशान हैं. कई परिवार आर्थिक संकट में फंस गए हैं. लोगों का कहना है कि पैसे लौटाने के नाम पर उन पर गलत तरीके से दबाव बनाया जा रहा है.
सहकारिता विभाग पर मिलीभगत का आरोप
सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि सहकारिता विभाग के अफसर सोसाइटी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि विभाग ने कलेक्टर को गुमराह कर कुर्की के आदेश तक जारी करवाए. पीड़ितों ने यह दावा भी किया कि सोसाइटी ने कोर्ट में फर्जी राजीनामा पेश कर न्यायिक प्रक्रिया को भी धोखा दिया.
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अधिकारियों ने जांच की बात कही
सहायक आयुक्त राजू डाबर ने पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लेकर पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी. वहीं प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध लगातार चलता रहेगा.