World Environment Day 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आगर-मालवा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनसहभागिता का उत्साह देखने को मिला. नगर पालिका द्वारा विकसित किए जा रहे “नमो वन” परिसर में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने मिलकर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया. करीब 500 पौधे लगाए गए, जबकि पिछले वर्ष लगाए गए हजारों पौधे अब विकसित होकर हरियाली का उदाहरण बन रहे हैं. कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की भागीदारी ने इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया. इसी दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ने पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के लिए “पर्यावरण टैक्स” जैसी नई पहल का सुझाव भी दिया, जिस पर चर्चा शुरू हो गई है.
नमो वन में 500 पौधों का रोपण
विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर पालिका के “नमो वन” परिसर में सामूहिक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान करीब 500 पौधे लगाए गए. कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक स्वेच्छा से शामिल हुए. बिना विशेष प्रचार के लोगों का जुटना इस बात का संकेत है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है.
पिछले साल के पौधे बने हरियाली की मिसाल
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष इसी स्थान पर एक हजार से अधिक पौधे लगाए गए थे, जो अब विकसित होकर घने हरित क्षेत्र का रूप लेने लगे हैं. इसी सफलता को देखते हुए इस वर्ष भी बड़े स्तर पर पौधारोपण का लक्ष्य तय किया गया है.
11 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य
नगर पालिका अध्यक्ष निलेश पटेल ने बताया कि आने वाले समय में “नमो वन” को जिले का प्रमुख हरित क्षेत्र बनाने की योजना है. उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से यहां 11 हजार पौधे लगाए जाएंगे. यह सिर्फ पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
‘पर्यावरण टैक्स' का सुझाव
कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक खास सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह विभिन्न सरकारी अनुमतियों के लिए शुल्क लिया जाता है, उसी तरह “पर्यावरण टैक्स” की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए. उनका प्रस्ताव है कि किसी भी निर्माण कार्य या अनुमति के लिए आवेदन करते समय कम से कम एक पौधा लगाने का प्रमाण देना अनिवार्य हो.
पौधारोपण को बनाया जाए अनिवार्य प्रक्रिया
मालवीय ने सुझाव दिया कि पौधारोपण करते समय आवेदक की फोटो आवेदन के साथ जोड़ी जाए, ताकि इसका रिकॉर्ड बने. उनका मानना है कि इससे लोग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ पौधे लगाएंगे और उनके संरक्षण पर भी ध्यान देंगे.
विधायक ने संरक्षण पर दिया जोर
विधायक मधु गहलोत ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी जरूरत बन गया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ पौधे लगाना काफी नहीं, बल्कि उन्हें बड़े वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी जरूरी है. तभी पर्यावरण संतुलन कायम रह सकेगा.
छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए
कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया गया, जिनमें छायादार, फलदार और औषधीय प्रजातियां शामिल थीं. इससे पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय पारिस्थितिकी को भी मजबूती मिलेगी.
जनभागीदारी बनी सबसे बड़ी ताकत
इस आयोजन ने यह साबित किया कि यदि सही दिशा में पहल हो, तो पर्यावरण संरक्षण जनआंदोलन का रूप ले सकता है. नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को और प्रभावी बना दिया.
भविष्य में बड़ा हरित क्षेत्र बनेगा नमो वन
नगर पालिका का मानना है कि “नमो वन” आने वाले वर्षों में न केवल पर्यावरण संतुलन को मजबूत करेगा, बल्कि यह शहर के लिए एक अहम सार्वजनिक और हरित स्थल के रूप में विकसित होगा.
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