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This Article is From Jul 12, 2023

विदिशा: रामायण में भी है जिक्र, अटल-सुषमा यहां से पहुंच चुके हैं संसद में

विदिशा को जैन धर्म के दसवें तीर्थांकर शीतलनाथ की जन्मस्थली भी कहा जाता है. यहां जैन धर्मावलंबी भी काफी संख्या में निवास करते हैं, लिहाजा कई सुंदर जिनालय भी इस शहर की शान बढ़ा रहे है.

विदिशा: रामायण में भी है जिक्र, अटल-सुषमा यहां से पहुंच चुके हैं संसद में

मध्यप्रदेश का जिला विदिशा, राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह जिला उत्तरपूर्व से अशोकनगर, पूर्व से सागर, दक्षिण से रायसेन, दक्षिण-पश्चिम से भोपाल और उत्तर-पश्चिम में गुना से घिरा हुआ है. इसके पास ही बने हुए सांची के स्तूपों की वजह से भी कई लोग इस जिले को जानते हैं. विदिशा को जैन धर्म के दसवें तीर्थांकर शीतलनाथ की जन्मस्थली भी कहा जाता है. यहां जैन धर्मावलंबी भी काफी संख्या में निवास करते हैं, लिहाजा कई सुंदर जिनालय भी इस शहर की शान बढ़ा रहे है. हिन्दू पुराणों के अनुसार विदिशा एक बहुत ही प्राचीन शहर है.

प्राचीन नगर के रूप में है विदिशा की पहचान

विदिशा एक बहुत ही प्राचीन शहर माना जाता है. वाल्मीकि ने रामायण में भी इसका जिक्र किया गया है. पुराने समय में इसे भीलसा के नाम से जाना जाता था.  साल 1532 में गुजरात सलत्नत के सुलतान बहादुर शाह ने इसपर आक्रमण किया और फिर आगे आने वाले सालों में इस शहर का राजपाठ मालवा के सुल्तान, मुगलों और सिंधिया से पास गया. 1947 में इसे भारत गणराज्य में विलय के समय ग्वालियर राज्य के साथ भारत में मिला दिया गया. विदिशा देश के राजनैतिक मानचित्र में भी इस वजह से अहम है कि अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज जैसे नेता इस इलाके से संसद पहुंचते रहे हैं. 

औद्योगिक विकास और संस्कृति

बेस और बेतवा नदियों के पास बसे होने के कारण यहां खेती बड़ी मात्रा में की जाती है. यहां की ज्यादातर आबादी खेती करती है. यहां बहुत ही अच्छी गुणवत्ता का गेंहू, ज्वार, सोयाबीन आदि उगाया जाता है. यहां की ऐतिहासिक इमारतें और जगहें पर्यटन को भी खूब बढ़ावा देती हैं. यहां खड़ी हिन्दी, मालवी और बुंदेलखंडी भाषाएं बोली जाती हैं. इसके अलावा यहां सैला, राई, मटकी आदि लोकनृत्य भी किए जाते हैं.

पर्यटन स्थल एवं मुख्य आकर्षण

अगर हम बात करें विदिशा के पर्यटन स्थलों की तो यहां ऐतिहासिक इमारतों और जगहों की भरमार है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है. उदयगिरी की गुफाएं, लोहांगी पर्वत,  माधव उद्यान और चरणतीर्थ मंदिर घूमने आए लोगों के लिए अच्छी मानी जाती हैं. इसके अलावा कुछ दूरी पर ही स्थित सांची स्तूप भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है.

विदिशा एक नजर में

  • जिला मुख्यालय -विदिशा
  • क्षेत्रफल -7371 वर्ग किमी
  • जनसंख्या - 14,58,875
  • जनसंख्या घनत्व -198/वर्ग किमी
  • लिंगानुपात -  896/1000
  • साक्षरता -70.53%
  • तहसील -12
  • संभाग -भोपाल
  • विधानसभा क्षेत्र -5
  • लोकसभा क्षेत्र-1

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