दुर्ग जिले के एक छोटे से गांव पेंड्रावन में बच्चों की पढ़ाई का सवाल इतना बड़ा बन गया कि छात्र-छात्राएं, अभिभावक और ग्रामीण सभी एकजुट होकर सड़क पर उतर आए. करीब 600 विद्यार्थियों वाले स्कूल में सिर्फ 6 शिक्षक होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. तीन दिन तक इंतजार करने के बाद जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो ग्रामीणों और छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. करीब 12 घंटे तक चले इस आंदोलन का अंत तब हुआ, जब शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सीधे आश्वासन दिया कि बच्चों की मांगें पूरी की जाएंगी.
शिक्षकों की कमी से परेशान थे छात्र
दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के पेंड्रावन गांव स्थित स्कूल परिसर में प्राथमिक, माध्यमिक, स्वामी आत्मानंद स्कूल, ओपन स्कूल और कॉलेज की कक्षाएं संचालित होती हैं. इस पूरे संस्थान में 600 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन यहां केवल 6 शिक्षक पदस्थ थे. शिक्षकों की कमी के कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, जिससे छात्र और अभिभावक लंबे समय से परेशान थे.
तीन दिन का अल्टीमेटम, फिर शुरू हुआ आंदोलन
शिक्षकों की मांग को लेकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को पहले ही चेतावनी दी थी. शुक्रवार को उन्होंने अधिकारियों को तीन दिन का समय दिया था और कहा था कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सोमवार से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा. तय समय सीमा गुजरने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला, जिसके चलते छात्रों और ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.
मंत्री या कलेक्टर के आश्वासन पर अड़े रहे छात्र
प्रदर्शन के दौरान छात्रों का कहना था कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. उन्होंने साफ कर दिया था कि जब तक शिक्षा मंत्री या जिला कलेक्टर स्वयं वीडियो संदेश या लाइव माध्यम से उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब नहीं देंगे, तब तक धरना जारी रहेगा. इसी मांग को लेकर छात्र और ग्रामीण पूरे दिन प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे.
NDTV ने शिक्षा मंत्री तक पहुंचाई छात्रों की आवाज
देर रात NDTV की टीम प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और छात्रों की समस्या को प्रमुखता से उठाया. विद्यार्थियों की मांग और उनकी परेशानी को सीधे शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के सामने रखा. लाइव बातचीत के दौरान मंत्री ने छात्रों की बात सुनी और आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगें स्वीकार कर ली.
शिक्षा मंत्री ने दिया शिक्षकों की व्यवस्था का भरोसा
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था जल्द की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो. मंत्री के इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों और ग्रामीणों में संतोष का माहौल बना और आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया.
12 घंटे बाद खत्म हुआ धरना, छात्रों ने ली राहत की सांस
करीब 12 घंटे तक चले आंदोलन के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया. देर रात तक प्रदर्शन स्थल पर मौजूद विद्यार्थी खुशी के साथ अपने घर लौटे. आसपास के गांवों से आए छात्र-छात्राओं ने भी राहत जताई और उम्मीद व्यक्त की कि अब उनके स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर होगी और पढ़ाई सुचारु रूप से चल सकेगी.