छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भुवनेश्वरपुर स्थित आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल में एक छात्र से झाड़ू लगवाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है. छात्र के सफाई करते हुए वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीर मामला माना है और जांच के निर्देश दिए हैं. विभाग का कहना है कि स्कूल में पहले से सफाई कर्मी या चपरासी की व्यवस्था होने के बावजूद किसी छात्र से सफाई कराना नियमों के खिलाफ है.
मामले की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है. स्कूल में एक छात्र के झाड़ू लगाते हुए दिखाई देने वाला वीडियो अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद पूरे मामले की जांच कराने का फैसला लिया. विभाग का मानना है कि यदि वीडियो सही पाया जाता है तो यह बेहद गंभीर विषय है.
स्कूल में सफाई के लिए पहले से है व्यवस्था
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी कर्मचारियों की होती है. आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल में भी सफाई के लिए चपरासी नियुक्त है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सफाई कर्मचारी मौजूद है तो फिर छात्र को सफाई करने की जरूरत क्यों पड़ी.
जांच टीम करेगी पूरे मामले की पड़ताल
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को देखा जाएगा. यह पता लगाया जाएगा कि बच्चे से सफाई किसके कहने पर कराई, स्कूल प्रबंधन की भूमिका क्या थी और स्कूल में साफ-सफाई की व्यवस्था किस तरह संचालित की जा रही थी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
सहायक जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि मीडिया के माध्यम से उन्हें एक वीडियो मिला है, जिसमें एक छात्र झाड़ू लगाते हुए दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी जांच कराई जाएगी. जांच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
बड़ा सवाल अब भी कायम
मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब स्कूल में सफाई के लिए कर्मचारी उपलब्ध था, तो फिर एक छात्र को झाड़ू क्यों लगानी पड़ी. अब सभी की नजर शिक्षा विभाग की जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह लापरवाही थी, व्यवस्था की कमी थी या फिर किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन किया.