Action Against Illegal Mining: रायगढ़ जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने बीते एक सप्ताह के दौरान व्यापक जांच अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है. इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध खनन पर अंकुश लगाना है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी सुनिश्चित करना है.
रेत परिवहन में लगे 34 वाहन जब्त
खनिज विभाग की टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर की गई जांच के दौरान अवैध रूप से खनिजों का परिवहन करते हुए कुल 34 वाहन पकड़े गए. इनमें रेत परिवहन में लगे 27 ट्रैक्टर,1 जेसीबी और एक हाईवा शामिल हैं. इसके अलावा निम्न श्रेणी के चूनापत्थर के परिवहन में संलिप्त दो हाईवा और बोल्डर ले जाते हुए एक ट्रैक्टर को भी जब्त किया गया है.
मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था
जब्त सभी वाहनों को कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़, थाना खरसिया एवं रैरूमाचौकी में रखा गया है. इसी क्रम में खनिज मुरूम और मिट्टी के अवैध उत्खनन को लेकर मिल रही शिकायतों के आधार पर 2 जनवरी की रात तहसील रायगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत संबलपुरी में आकस्मिक जांच की गई. जांच के दौरान मौके पर एक जेसीबी मशीन और तीन टिपर वाहनों के माध्यम से मुरूम का अवैध उत्खनन व परिवहन किया जा रहा था.
प्रारंभिक पूछताछ में वाहन चालकों ने यह कार्य रायगढ़ निवासी हरिओम अग्रवाल के निर्देश पर किए जाने की जानकारी दी. इस प्रकरण में प्रयुक्त सभी वाहनों को तत्काल जब्त कर लिया गया.
अवैध उत्खनन के खिलाफ आगे भी होगी कार्रवाई
जिला खनिज अधिकारी रामाकांत सोनी ने बताया कि अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के प्रावधानों के साथ-साथ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में खनिजों के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की सघन कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.