
East Rail Corridor Project: सरकारी स्वामित्व वाली पीएफसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने छत्तीसगढ़ में ईस्ट रेल कॉरिडोर (CERL) परियोजना को लागू करने के लिए (सीईआरएल) को 3,517 करोड़ रुपये का ऋण (लोन) मंजूर किया है. पीएफसी ने बयान में कहा कि सीईआरएल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), इरकॉन और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (सीएसआईडीसीएल) का एक संयुक्त उद्यम है.
पीएफसी ने कहा कि 3,516.68 करोड़ रुपये के सावधि ऋण के लिए ऋण दस्तावेज 28 मार्च को निष्पादित किए गए. निर्माणाधीन रेल परियोजना (Railway Project) को मुख्य रूप से आसपास के कई कोयला खदानों से कोयले के परिवहन और उन्हें ताप बिजली संयंत्र से जोड़ने के लिए विकसित किया जा रहा है.
बिजली मंत्रालय के तहत आने वाली पीएफसी, एकीकृत विद्युत विकास योजना, अल्ट्रा मेगा विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए एक नोडल एजेंसी है.
"कोई नक्सली सरेंडर करेगा तो जेल नहीं भेजने की गारंटी, पुनर्वास भी कराएंगे"
नक्सलियों के खिलाफ बुलंदी से मोर्चा खोले हुए छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा ने गुरुवार को दंतेवाड़ा में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- कोई भी नक्सली सरेंडर करता है तो उसे जेल नहीं भेजेंगे और जब तक उनका पुनर्वास नहीं हो जाता तब तक सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी. नक्सलियों की ओर से शांति वार्ता के प्रस्ताव पर भी उन्होंने साफ किया कि ऐसा नहीं होता कि 6 महीने सुरक्षा बलों को रोक दो तो वार्ता करेंगे...यहां कैंप मत लगाओ तो बात करेंगे...ऐसा नहीं होता है. बात करने के लिए सब तैयार हैं. नक्सलियों से सरकार खुले मन से बात करने को तैयार है लेकिन इसके लिए शर्तों वाली बात नहीं होनी चाहिए.
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