NSTI in Raipur: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) जल्द ही देश के प्रमुख कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल होने जा रही है. दरअसल, यहां राज्य का पहला राष्ट्रीय कौशल विकास संस्थान (NSTI) स्थापित किया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. संस्थान की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिल सकेगा.
इस संस्थान की जरूरत को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने 2 फरवरी 2026 को लोकसभा में मुद्दा उठाया था. केंद्र सरकार ने जवाब में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराते ही फंड जारी कर दिया जाएगा. इसके बाद राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग ने रायपुर कलेक्टर को जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं. सड्डू और मोवा क्षेत्र में संभावित स्थानों का परीक्षण किया जा रहा है.
AI और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे भविष्य के क्षेत्रों में प्रशिक्षण
NSTI की स्थापना केवल एक संस्थान खोलने भर का कदम नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की बड़ी पहल है. यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डिजिटल सेवाएं, इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. ये वही सेक्टर हैं, जिनमें आने वाले वर्षों में रोजगार की अपार संभावनाएं मानी जा रही हैं.
स्थानीय उद्योगों से जुड़ा होगा पाठ्यक्रम
संस्थान का पाठ्यक्रम छत्तीसगढ़ की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप भी तैयार किया जाएगा. खनिज आधारित उद्योग, ऊर्जा उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े रोजगारोन्मुखी कोर्स भी शुरू किए जाएंगे. इससे युवाओं को राज्य के भीतर ही बेहतर अवसर मिल सकेंगे, जिससे पलायन में कमी आने की उम्मीद है.
“युवा बनेंगे जॉब क्रिएटर”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, असली ताकत कौशल में होती है. उनका लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है. NSTI के जरिए ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के प्रतिभाशाली युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा.
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह संस्थान छत्तीसगढ़ के तकनीकी और औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देगा. विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक लैब, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट के कारण यह संस्थान प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आएगा. अब नजर इस बात पर है कि जमीन चिन्हांकन की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और यह ड्रीम प्रोजेक्ट कब धरातल पर उतरता है.
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