National Rovers Rangers Jamboree 2026: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में देश का पहला नेशनल रोवर्स–रेंजर्स जंबूरी आयोजित हुआ, जिसने युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण पेश किया. इस आयोजन में 13 हजार से ज्यादा रोवर्स-रेंजर्स ने हिस्सा लिया और एक ‘जंबूरी शहर' बसाकर यह साबित कर दिया कि जब जिम्मेदारी युवाओं को दी जाती है, तो वे असंभव को भी संभव बना सकते हैं. NDTV से खास बातचीत में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने इस आयोजन के उद्देश्य और महत्व पर खुलकर बात की.
13 हजार युवाओं की भागीदारी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस जंबूरी में पूरे देश से लगभग 13 हजार रोवर्स-रेंजर्स शामिल हुए. जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल और उत्तर-पूर्व के राज्यों से आए प्रतिभागियों के साथ-साथ इटली जैसे देशों से भी युवा पहुंचे. यह आयोजन सचमुच ‘मिनी इंडिया' का रूप ले चुका था.
बच्चों ने बनाया जंबूरी शहर
मंत्री ने बताया कि इस पूरे जंबूरी शहर का निर्माण स्काउट-गाइड के सर्विस रोवर्स-रेंजर्स ने खुद किया. एरिना, मुख्य मंच, आवासीय व्यवस्था—हर काम बच्चों ने संभाला. 13 हजार प्रतिभागियों के ठहरने से लेकर मुख्य द्वार तक की सारी व्यवस्था उनकी मेहनत का नतीजा थी.
कम संसाधनों में बड़ा काम
स्काउट-गाइड का उद्देश्य बच्चों को सीमित संसाधनों में बेहतर काम करना सिखाना है. मंत्री ने कहा कि इस कैंप के जरिए बच्चे अनुशासन, सेवा और टीमवर्क से किसी भी चुनौती को अवसर में बदलना सीखते हैं.
पहला नेशनल रोवर्स–रेंजर्स जंबूरी क्यों?
अब तक देश में 19 नेशनल जंबूरी हो चुके हैं, लेकिन यह पहली बार था जब 16 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए अलग से रोवर्स-रेंजर्स का राष्ट्रीय जंबूरी आयोजित किया गया. इससे युवाओं को नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का मौका मिला.
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प्रधानमंत्री के संकल्प से प्रेरित आयोजन
मंत्री ने बताया कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा संकल्प से प्रेरित है. भारत सरकार के निर्देशानुसार स्काउट-गाइड ने तय किया कि युवाओं के लिए विशेष जंबूरी आयोजित किया जाए. छत्तीसगढ़ को यह अवसर पहले के सफल आयोजनों के कारण मिला.
आरोपों पर मंत्री का जवाब
राजनीतिक आरोपों पर मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम सबके सामने है और उसकी सफलता खुद बोल रही है. इसलिए ज्यादा कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है. बालोद की धरती पर सजे इस जंबूरी शहर ने यह साबित कर दिया कि जब युवाओं को जिम्मेदारी दी जाती है, तो वे अनुशासन और सेवा के साथ असंभव को भी संभव बना सकते हैं.
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