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This Article is From Aug 03, 2025

नाराज़ स्वास्थ्य मंत्री ने बीच में ही छोड़ दिया कार्यक्रम, शाला प्रवेश उत्सव में जमकर चला हाई वोल्टेज ड्रामा

Chhattisgarh News: मनेन्द्रगढ़ की एक स्कूल के कार्यक्रम में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. यहां स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को बीच में ही अपना कार्यक्रम छोड़कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ गया. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है? 

नाराज़ स्वास्थ्य मंत्री ने बीच में ही छोड़ दिया कार्यक्रम, शाला प्रवेश उत्सव में जमकर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
फाइल फोटो

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के देवाडांड़ स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया जब मंच पर ही हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पहुंचे थे लेकिन वे इतने नाराज हो गए कि बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर चले गए. 

ये है मामला 

दरअसल इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य ममता सिंह ने माइक लेकर जमकर नाराजगी जाहिर की. ममता सिंह ने मंच से शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सवाल किया कि उन्हें कार्यक्रम में क्यों नहीं आमंत्रित किया गया. उन्होंने कहा कि शाला उत्सव के आमंत्रण पत्र में उनका नाम न होना न केवल अपमानजनक है बल्कि यह महिला, आदिवासी और जनप्रतिनिधियों का अपमान है। उन्होंने मंच से आरोप लगाया कि क्या कांग्रेस समर्पित होने और एक महिला जनप्रतिनिधि होने के कारण उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया गया उन्होंने चेतावनी दी कि आगे से ऐसा हुआ तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ममता सिंह की नाराजगी और मंच से की गई तीखी टिप्पणियों के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए. 

इस घटनाक्रम ने न सिर्फ कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाई बल्कि प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि ममता सिंह न केवल एक आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि हैं बल्कि वे एक पूर्व सैनिक की पत्नी और शिक्षक की बहू भी हैं. उनका नाम आमंत्रण पत्र में न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है.

लगाए ये आरोप 

अशोक श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस से जुड़े जनप्रतिनिधियों को सुनियोजित ढंग से नजरअंदाज करने की साजिश का हिस्सा है. कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि किसी भी सरकारी कार्यक्रम में कांग्रेस के निर्वाचित प्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया, तो कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा. स्थानीय प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश समझ लेना चाहिए. 

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