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Labour Protest: नोएडा के बाद छत्तीसगढ़ में भी तेज हुआ मजदूर आंदोलन, कामगारों ने एल एंड टी का प्लांट घेरा

Labour Protest News: सैकड़ों मजदूरों ने एसपी-3 प्लांट के सामने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं. ये लोग कंपनी पर श्रमिकों का हक मारने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं. मजदूरों का कहना है कि उनसे रोजाना 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है, लेकिन भुगतान केवल 11 घंटे का ही किया जा रहा है. इस विसंगति को लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी है.

Labour Protest: नोएडा के बाद छत्तीसगढ़ में भी तेज हुआ मजदूर आंदोलन, कामगारों ने एल एंड टी का प्लांट घेरा
नोएडा के बाद छत्तीसगढ़ में भी तेज हुआ मजदूर आंदोलन
Pankaj Singh Bhadauria

बढ़ती महंगाई के बीच कम वेतन के खिलाफ उत्तर प्रदेश के नोएडा से शुरू हुआ मजदूर आंदोलन अब छत्तीसगढ़ भी पहुंचता दुख रहा है. दरअसल, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल स्थित एनएमडीसी प्लांट में पाइपलाइन विस्तार कार्य कर रही Larsen & Toubro (एलएंडटी) कंपनी के खिलाफ मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा है. कंपनी के कथित शोषण के खिलाफ लगातार तीसरे दिन मजदूरों का प्रदर्शन जारी है.

12 घंटे काम और 11 घंटे का ही भुगतान

सैकड़ों मजदूरों ने एसपी-3 प्लांट के सामने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं. ये लोग कंपनी पर श्रमिकों का हक मारने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं. मजदूरों का कहना है कि उनसे रोजाना 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है, लेकिन भुगतान केवल 11 घंटे का ही किया जा रहा है. इस विसंगति को लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी है. उनका आरोप है कि कंपनी न केवल काम के घंटे के हिसाब से पूरा भुगतान नहीं कर रही, बल्कि पिछले दो वर्षों से बोनस में भी कटौती कर रही है या उसे देने में टालमटोल कर रही है.

'मजदूरी की दरों में पारदर्शिता की है कमी'

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने यह भी बताया कि कुशल और अकुशल श्रमिकों के बीच किसी प्रकार का अंतर नहीं रखा जा रहा है, दोनों को समान मजदूरी दी जा रही है, जो श्रम नियमों के खिलाफ है. इसके अलावा मजदूरी की दरों को लेकर भी पारदर्शिता की कमी है. मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने कहीं भी रेट लिस्ट चस्पा नहीं किया है और न ही अधिकारी इस संबंध में खुलकर बातचीत कर रहे हैं.

कंपनी ने शोषण से किया इनकार

वहीं, कंपनी प्रबंधन की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि मजदूरों को केंद्रीय सरकार की ओर से निर्धारित दरों के अनुसार ही भुगतान किया जा रहा है. कंपनी के अधिकारी गिरधर भट्टा के अनुसार, किरंदुल में कार्य स्थानीय श्रम दरों के आधार पर हो रहा है और मजदूरों को उसी के अनुसार भुगतान किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी का एक “समाधान ऐप” है, जिसके माध्यम से मजदूर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उनका त्वरित समाधान किया जाता है.

भीषण गर्मी में बिना सुविधा काम करने को मजबूर

मजदूरों की नाराजगी केवल वेतन और बोनस तक सीमित नहीं है, बल्कि काम की परिस्थितियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. मजदूरों का कहना है कि 45 डिग्री तापमान की भीषण गर्मी में उनसे लगातार काम कराया जा रहा है, लेकिन पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं है. इसके कारण कई मजदूर बीमार भी पड़ रहे हैं. इसके अलावा, कार्यस्थल पर शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बताया गया है. मजदूरों का आरोप है कि एक मल्टीनेशनल कंपनी होने के बावजूद एलएंडटी श्रमिकों की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी कर रही है.

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प्रदर्शनकारी मजदूरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. फिलहाल, कंपनी के अधिकारी मजदूरों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं, लेकिन समाधान निकलता नहीं दिख रहा है.

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