Salma Sultana Murder Case: कोरबा के बहुचर्चित पत्रकार सलमा सुल्ताना हत्याकांड में एक नया ट्विस्ट आया है, जिसने आरोपी के सनक और क्रूरता की पोल खोल दी हैं. साल 2018 में लिव-इन पार्टनर मधुर साहू द्वारा अपनी प्रेमिका की हत्या कर लाश को सड़क के नीचे दफनाने के इस मामले में, अब एक चश्मदीद गवाह ने कोर्ट में मधुर की उस डरावनी हरकत का खुलासा किया है जो उसने कत्ल के ठीक बाद की थी. चश्मदीद के अनुसार, कत्ल के बाद आरोपी बिना किसी पछतावे के लाश के बगल में सिगरेट पीते हुए सलमा का पसंदीदा गाना गुनगुना रहा था. 5 साल तक छिपे रहे इस राज के खुलने के बाद अब यह मामला अपने अंतिम फैसले की ओर बढ़ रहा है.
एक हाथ में लाश और दूसरे में सिगरेट: कातिल की सनक
अपर सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत में चश्मदीद गवाह कोमल सिंह राजपूत ने जो गवाही दी, उसने सबको सन्न कर दिया. कोमल ने बताया कि जब मधुर साहू ने सलमा की जान ली, तो उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं थी. वह एक हाथ से सलमा की मृत देह को पकड़े हुए था और दूसरे हाथ में सिगरेट थामे फिल्म 'मासूम' का गाना “तुझसे नाराज नहीं मैं जिंदगी, हैरान हूं मैं…” गा रहा था. यह दृश्य किसी फिल्मी विलेन जैसा था, जिसने एक पल पहले ही अपनी पार्टनर की जिंदगी खत्म की थी और अगले ही पल उसकी पसंद का गाना गाकर जश्न मना रहा था.

कोमल ने बताया- किस क्रूरता से हुई हत्या
कोमल सिंह,जो आरोपी मधुर साहू के जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर थी,ने बताया कि घटना वाले दिन सलमा ने उसे शारदा विहार स्थित अपने घर बुलाया था. वहां मधुर और सलमा के बीच विवाद हुआ. गवाह के मुताबिक मधुर ने पहले सलमा का गला दबाने की कोशिश की.
कोमल के अनुसार, हत्या के बाद मधुर ने उससे और मेड सविता से सलमा के मोबाइल से उसके परिजनों को मैसेज भिजवाया "मैं जा रही हूं, मुझे परेशान मत करना" और फिर फोन बंद कर दिया गया. गवाह ने दावा किया कि मधुर के कंप्यूटर में कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं और वह उन्हें ब्लैकमेल करता था. कोमल ने यह भी कहा कि उसने हत्या की जानकारी एक पुलिसकर्मी और सलमा के भाई के दोस्त को दी थी, लेकिन बात मधुर तक पहुंच गई और उसे चुप रहने की धमकी मिली.
5 साल तक सड़क के नीचे दफन रहा कत्ल का राज
कत्ल के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से शव को भवानी डबरी के पास बन रही सड़क के नीचे दफना दिया था. सालों तक उस सड़क के ऊपर से हजारों गाड़ियां गुजरती रहीं, लेकिन किसी को पता नहीं चला कि नीचे एक राज दफन है. साल 2023 में जब पुलिस ने आधुनिक तकनीक (GPR और सैटेलाइट) का इस्तेमाल किया, तब जाकर सड़क खोदकर सलमा का नरकंकाल निकाला जा सका.डीएनए टेस्ट के जरिए पुष्टि हुई कि यह सलमा ही थीं. इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार किया, जो अब जेल की सलाखों के पीछे हैं.
इंसाफ की दहलीज पर खड़ा मामला
सरकारी वकील सुनील सोनवानी के मुताबिक, इस केस में अब तक 41 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और महज 10 गवाह बाकी हैं. पुलिस की चार्जशीट और गवाहों के बयानों ने मधुर साहू और उसके साथियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है. कोमल सिंह राजपूत की यह हालिया गवाही केस की सबसे मजबूत कड़ी मानी जा रही है, क्योंकि वह घटना के समय मौके पर मौजूद थी. अब बाकी गवाहों के बयान और अंतिम बहस के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी, जिसका पूरा प्रदेश बेसब्री से इंतजार कर रहा है.
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