मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. हाल ही में हुई पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में कई पदाधिकारियों की निष्क्रियता का मुद्दा प्रमुखता से उठा. बताया जा रहा है कि लंबे समय से पार्टी के आंदोलनों और संगठनात्मक गतिविधियों से दूर रहने वाले नेताओं की रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान तक पहुंच चुकी है. इसके बाद संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है.
पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में संगठन की कार्यप्रणाली और पदाधिकारियों की सक्रियता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक के दौरान कई पदाधिकारियों के पार्टी कार्यक्रमों और आंदोलनों में लगातार अनुपस्थित रहने का मुद्दा उठाया गया. संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय नेतृत्व की जरूरत पर भी जोर दिया.
आलाकमान तक पहुंची निष्क्रियता की रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस के कई पदाधिकारियों की कार्यशैली और उनकी निष्क्रियता से जुड़ी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेजी गई है. रिपोर्ट में ऐसे नेताओं का उल्लेख किया गया है जो लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते नहीं दिखे. इसी रिपोर्ट के आधार पर आलाकमान ने संगठन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा शुरू की है.
कार्यकारिणी भंग करने पर हो रहा मंथन
सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस की वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने का विकल्प भी विचाराधीन है. माना जा रहा है कि संगठन में नई ऊर्जा और सक्रिय नेतृत्व लाने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया जा सकता है. पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है.
आंदोलनों से दूरी बनी चिंता की वजह
प्रदेश कांग्रेस के कई पदाधिकारी पिछले लंबे समय से पार्टी के आंदोलनों, विरोध प्रदर्शनों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में नजर नहीं आए हैं. संगठन के भीतर इसे लेकर लगातार असंतोष था. पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि जमीनी स्तर पर सक्रियता की कमी से संगठन कमजोर पड़ रहा है, इसलिए अब निष्क्रियता पर सख्त रुख अपनाने की जरूरत है.
किसी भी वक्त हो सकता है बड़ा फैसला
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान संगठन को लेकर जल्द कोई बड़ा निर्णय ले सकता है. यदि प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग किया जाता है, तो उसके बाद नए सिरे से संगठन के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. फिलहाल पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के दावों ने प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है.