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कवासी लखमा जेल से बाहर आ रहे, जमानत की शर्तों ने सबको चौंकाया, CG में क्‍यों नहीं रह सकेंगे?

Kawasi Lakhma Bail Chhattisgarh: सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा बुधवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा होंगे. शराब घोटाला मामले में राहत मिलने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और पार्टी ने इसे सत्य की जीत बताया है.

कवासी लखमा जेल से बाहर आ रहे, जमानत की शर्तों ने सबको चौंकाया, CG में क्‍यों नहीं रह सकेंगे?

Kawasi Lakhma Bail Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज 4 फरवरी 2026 को रायपुर सेंट्रेल जेल से जमानत पर रिहा होंगे. जमानत से जुड़े कागजात रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचते ही उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. लखमा की रिहाई की खबर मिलते ही उनके समर्थक और कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जेल के बाहर जुटने लगे हैं.

शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को ईडी और ईओडब्ल्यू से जुड़े प्रकरणों में अंतरिम जमानत दी है. मंगलवार को करीब ढाई घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने यह राहत दी. जमानत की शर्तों के तहत लखमा को फिलहाल छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान उन्हें राज्य में आने की अनुमति होगी. 

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कवासी लखमा की जमानत की शर्तें क्या हैं? 

अदालत ने कवासी लखमा को अपना पासपोर्ट जमा कराने और वर्तमान पता व मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराने का निर्देश दिया है. इन शर्तों के साथ उन्हें अंतरिम जमानत दी गई है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उनकी पत्‍नी कवासी बुधरी भी रायपुर जेल के बाहर पहुंची हैं.  

रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर बीच में कवासी लखमा की पत्नी

रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर बीच में कवासी लखमा की पत्नी

कवासी लखमा की गिरफ्तारी क्‍यों हुई थी?

ईडी ने शराब घोटाला मामले में कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था. इसके बाद ईडी ने उन्हें 7 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की. 21 जनवरी से 4 फरवरी तक वे न्यायिक रिमांड पर जेल में रहे.तब से बीते 379 दिन से
वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे.

कांग्रेस नेताओं के बयान, कार्यकर्ताओं में जोश

लखमा की रिहाई की खबर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं. यह एक बार फिर साबित हुआ है. उन्होंने न्यायालय का धन्यवाद देते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश की गई, लेकिन कार्यकर्ता और पार्टी और अधिक मजबूत होकर सामने आएंगे.
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत यह दर्शाती है कि सत्य की लड़ाई में संघर्ष जरूर होता है, लेकिन अंततः जीत सत्य की ही होती है.

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