Naxalites Surrendered in Kanker: कांकेर में DVCM मल्लेश और रानू पोडियाम का आत्मसमर्पण; नक्सलियों को बड़ा झटका

Naxalites Surrender Kanker: कांकेर में माओवादी DVCM मल्लेश और रानू पोडियाम ने BSF और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया. पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दोनों ने हिंसा छोड़ी. पुलिस ने इसे बड़ी सफलता बताया.

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Naxalites Surrendered in Kanker: कांकेर में DVCM मल्लेश और रानू पोडियाम का आत्मसमर्पण; नक्सलियों को बड़ा झटका

Kanker Maoist News: छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर क्षेत्र में माओवादियों (North Bastar Maoist Surrender) को बड़ा धक्का लगा है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी से जुड़े डीवीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) मल्लेश और पार्टी सदस्य रानू पोडियाम (Ranu Podiam Naxalite Surrender) ने हिंसा का रास्ता छोड़कर कांकेर पुलिस और बीएसएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. दोनों कैडरों की ओर से साझा की गई महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर पुलिस अब इलाके में सक्रिय अन्य माओवादी सदस्यों से संपर्क स्थापित कर रही है. कांकेर पुलिस अधीक्षक (Kanker SP) निखिल राखेचा ने बताया कि मल्लेश और रानू पोडियाम ने हाल ही में सुरक्षा बलों से संपर्क कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई थी. उन्होंने कहा कि दोनों ने सरकार की पुनर्वास नीति को समझकर आत्मसमर्पण का फैसला लिया, जो नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका है.

Kanker Maoist: मुख्यधारा में लौटे नक्सली
Photo Credit: AI फोटो

BSF कैंप में आत्मसमर्पण, AK-47 भी सौंपा

पुलिस के अनुसार, डीवीसीएम मल्लेश ने मंगलवार देर रात छोटेबेठिया के BSF कैंप में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया. उसने अपने साथ मौजूद AK‑47 रायफल भी जवानों को सौंप दी. अधिकारियों का कहना है कि मल्लेश लंबे समय से नॉर्थ बस्तर में सक्रिय था और कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभा रहा था. बीएसएफ और पुलिस का मानना है कि यह कदम नक्सल संगठन के भीतर बढ़ती टूटन और नेतृत्व संकट को दर्शाता है.

अन्य माओवादियों को भी जोड़ने की कवायद

पुलिस अधीक्षक राखेचा ने बताया कि मल्लेश और रानू द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सुरक्षा बल अब क्षेत्र में सक्रिय अन्य कैडरों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उन्हें भी पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके.
अधिकारियों ने कहा कि दोनों माओवादियों के औपचारिक एकीकरण और हथियार सुपुर्दगी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें शासन की योजना के अनुसार सभी सुविधाएं दी जाएंगी.

आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम की अपील

पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पट्टलिंगम ने एक बार फिर माओवादी कैडरों से हिंसा छोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि जो भी नक्सली सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं, उन्हें पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी.

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24 महीनों में 2,400 से अधिक माओवादी कर चुके आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित करते हुए अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 2,400 से अधिक माओवादी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं. इससे बस्तर क्षेत्र में नक्सल हिंसा में स्पष्ट कमी और विकास गतिविधियों में तेजी आई है.

जंगलों में बढ़ी हलचल, संगठन में टूट जारी

हाल ही में माओवादी महासचिव देवजी के आत्मसमर्पण के बाद से नक्सल संगठन की रीढ़ कमजोर पड़ी है. टॉप लीडरशिप के सरेंडर ने कैडरों में बड़ा संदेश दिया है 'हथियार छोड़ना ही सुरक्षित और तार्किक विकल्प है'. सूत्रों के अनुसार, कांकेर जिले में आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण कैडर भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं.

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