Dhamtari Police Controversy: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक नगरी थाना प्रभारी पर लगे गंभीर आरोपों के बाद माहौल गरमा गया. नगरी थाना प्रभारी ने जनपद सदस्य के साथ कथित गाली‑गलौज और अभद्र भाषा के इस्तेमाल से नाराज आदिवासी समाज के लोगों ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया. सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोग थाने के मुख्य गेट के सामने बैठ गए और थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे. काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ.
जनपद सदस्य के साथ अभद्र भाषा का आरोप
आदिवासी समाज के लोगों का आरोप है कि नगरी थाना प्रभारी ने जनपद सदस्य मुनेंद्र ध्रुव के साथ गाली‑गलौज की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया. बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला दो नाबालिग लड़कियों के लापता होने की शिकायत से जुड़ा हुआ है. इसी दौरान कथित तौर पर थाना प्रभारी का व्यवहार आपत्तिजनक रहा, जिससे समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया.
कार्रवाई की मांग को लेकर घंटों प्रदर्शन
थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आदिवासी समाज के लोग सैकड़ों की संख्या में थाने के सामने धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जब तक दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा.
पुलिस अधिकारियों ने संभाली स्थिति
स्थिति को संभालने के लिए मौके पर एसडीओपी विपिन रंगारी, सिहावा थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. अधिकारियों के समझाने के बाद धीरे‑धीरे माहौल शांत हुआ.
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
एसडीओपी द्वारा जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिए जाने पर आदिवासी समाज के लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया. हालांकि प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह सिर्फ अस्थायी विराम है और वे कार्रवाई की प्रतीक्षा करेंगे.
एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन
आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन भी सौंपा. उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
कार्रवाई नहीं हुई तो एसपी कार्यालय का घेराव
आदिवासी समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एसपी कार्यालय पहुंचकर बड़ा प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे. समाज के लोगों का कहना है कि वे सम्मान और न्याय के लिए एकजुट हैं और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.